न्यूयॉक(आरएनएस)। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (हृस्ष्ट) की खुली बहस में होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए क्षेत्र में तत्काल तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की अपील की। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो द्वारा बुलाई गई सुरक्षा परिषद की बैठक में पी. हरीश ने बताया कि हालिया हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो चुकी है, एक अन्य लापता है और कई भारतीय घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस महीने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कई जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करता है।
इनमें त्रस्नस् गैलेक्सी, रूञ्ज अल बाहिया और रूञ्ज मोम्बासा जैसे जहाज शामिल हैं। भारत ने कहा कि समुद्री यात्रियों को निशाना बनाना और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर स्वतंत्र एवं सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीति को ही एकमात्र प्रभावी रास्ता बताया। भारत ने सुरक्षा परिषद से आग्रह किया कि व्यावसायिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तत्काल रोके जाएं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य सहित सभी अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही और वैश्विक व्यापार जल्द से जल्द बहाल किया जाए।पी. हरीश ने कहा कि मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा और भलाई भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भारत का इस क्षेत्र के साथ करीब 180 अरब डॉलर का वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार है। इसके अलावा, भारत को 31 अरब डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (स्नष्ठढ्ढ) और खाड़ी सहयोग परिषद (त्रष्टष्ट) देशों से 52 अरब डॉलर से अधिक की वार्षिक प्रेषण (रेमिटेंस) प्राप्त होती है। इसलिए क्षेत्र में शांति और स्थिरता भारत के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।








