अगर आपसे कहा जाए कि किसी कंपनी का सिर्फ एक शेयर रखने पर आपको एक लाख रुपये से ज्यादा की कमाई हो सकती है, तो शायद आपको यकीन न हो। लेकिन देश के सबसे भरोसेमंद और दिग्गज औद्योगिक घराने टाटा समूह ने इसे सच कर दिखाया है। टाटा संस ने अपने शेयरधारकों पर धनवर्षा करते हुए प्रति शेयर 1 लाख 10 हजार रुपये से अधिक के ऐतिहासिक डिविडेंड (लाभांश) की सिफारिश की है। वित्त वर्ष 2025-26 के शानदार वित्तीय नतीजों का ऐलान करते हुए कंपनी ने बताया कि उसके नेट प्रॉफिट में भारी उछाल आया है, जिसने बाजार के सारे अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है।
टाटा संस के मुनाफे में 21 फीसदी से ज्यादा की जबरदस्त छलांग
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन द्वारा जारी किए गए वित्त वर्ष 2026 के नतीजों के मुताबिक, कंपनी का राजस्व 9.1 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी के साथ 42,367 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 38,835 करोड़ रुपये रहा था। टैक्स भुगतान के बाद कंपनी के शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) में 21.8 प्रतिशत का जोरदार उछाल दर्ज किया गया है, और यह बढक़र 31,961 करोड़ रुपये हो गया है। इसी बंपर कमाई को देखते हुए कंपनी के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के लिए प्रति शेयर 1,10,717 रुपये के बंपर डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि, टाटा संस शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है और यह लाभांश शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी पर निर्भर करेगा।
टाटा ग्रुप की कुल कमाई 16 लाख करोड़ के पार, 5 गुना बढ़ा लाभ
कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए चेयरमैन चंद्रशेखरन ने बताया कि वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में हो रहे अभूतपूर्व निवेश के बावजूद टाटा समूह का कुल प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा है। पूरे टाटा ग्रुप का कुल राजस्व 7.8 प्रतिशत बढक़र 16,24,030 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े पर पहुंच गया है, जबकि समूह का नेट प्रॉफिट 51.9 प्रतिशत की गजब की छलांग के साथ 1,70,525 करोड़ रुपये हो गया है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2019-20 की तुलना में अब टाटा समूह का कुल राजस्व 2.1 गुना और लाभ 5.4 गुना तक बढ़ चुका है, जो समूह की विभिन्न कंपनियों में किए गए बड़े सुधारों का ही नतीजा है।
एयर इंडिया बनी चिंता का सबब, घाटा बढक़र 22 हजार करोड़ के पार
एक तरफ जहां पूरा टाटा समूह मुनाफे के नए रिकॉर्ड बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ एयर इंडिया अभी भी कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में एयर इंडिया का घाटा बढक़र 22,238 करोड़ रुपये हो गया है, जो इससे पिछले साल 10,859 करोड़ रुपये था। चेयरमैन ने इस भारी नुकसान की मुख्य वजहें बताते हुए कहा कि तेल की बढ़ती कीमतें, कई प्रमुख रूट्स का बंद होना, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ्रढ्ढ171 विमान हादसे का एयरलाइन के कारोबार पर बेहद नकारात्मक असर पड़ा है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि इतिहास की किसी भी बड़ी एयरलाइन को दोबारा खड़ा होने में दशकों का समय लगता है और एयर इंडिया के कायाकल्प की दिशा में तेजी से और सकारात्मक काम किया जा रहा है।








