अमौसी एयरपोर्ट पर बम की झूठी सूचना से मचा हडक़ंप, शराब के नशे में डायल-112 पर कॉल करने वाला गिरफ्तार

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राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय (अमौसी) एयरपोर्ट पर बम होने की झूठी सूचना देकर सुरक्षा एजेंसियों में हडक़ंप मचाने वाले एक व्यक्ति को सरोजनीनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने शराब के नशे में डायल-112 पर फोन कर एयरपोर्ट पर बम होने की भ्रामक सूचना दी थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र सिंह सेंगर के निर्देश पर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली वसंथ कुमार तथा सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर अभिषेक कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में सरोजनीनगर पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।पुलिस के अनुसार 24 जुलाई 2026 की रात करीब 11:45 बजे डायल-112 पर एक कॉल प्राप्त हुई, जिसमें कॉलर ने अमौसी एयरपोर्ट पर बम होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन, स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बीडीडीएस) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गईं। एयरपोर्ट परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर संदिग्ध स्थान की गहन जांच की गई, लेकिन काफी देर तक चली सघन तलाशी के बाद भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।जांच में सूचना पूरी तरह झूठी और भ्रामक पाए जाने पर सरोजनीनगर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान शुरू की।विवेचना के दौरान कॉलर की पहचान श्याम सुंदर (35 वर्ष) पुत्र राज किशोर, निवासी ग्राम जयसिंहपुर, थाना बिधनू, जनपद कानपुर के रूप में हुई। पुलिस टीम ने रविवार को किसानपथ स्थित दरोगाखेड़ा क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ शांति भंग की आशंका में चालान करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एक चमड़ा फैक्ट्री में मजदूरी करता है और शराब पीने का आदी है। घटना वाले दिन उसने अत्यधिक शराब पी रखी थी। नशे की हालत में उसने बिना किसी कारण डायल-112 पर फोन कर एयरपोर्ट पर बम होने की झूठी सूचना दे दी। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की झूठी सूचनाएं न केवल सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों और समय की बर्बादी करती हैं, बल्कि यात्रियों और आम नागरिकों में अनावश्यक भय और अफरा-तफरी का माहौल भी पैदा करती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।

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