27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया।अपने संबोधन में ए.के. शर्मा ने कहा कि कारगिल विजय दिवस देश के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कारगिल के अमर शहीदों को नमन करते हुए उनके परिवारों तथा पूर्व सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि आज देश के सामने केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि भीतर भी अनेक चुनौतियां हैं। आतंकवादियों, छद्मवेश में छिपे राष्ट्रविरोधी तत्वों और समाज में भ्रम फैलाने वाली शक्तियों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में भ्रामक और झूठी सूचनाएं तेजी से फैलती हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को किसी भी सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य परखनी चाहिए और देश की एकता एवं अखंडता के विरुद्ध किसी भी दुष्प्रचार का हिस्सा नहीं बनना चाहिए।मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सैनिकों और शहीद परिवारों से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी स्वयं सीमा क्षेत्र में पहुंचकर सैनिकों का मनोबल बढ़ाने गए थे। उन्होंने लखनऊ के सभी सैनिक परिवारों को चिन्हित कर उनका सम्मान करने और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।समारोह में अमर शहीदों के परिजनों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, संतोष सिंह, नगर आयुक्त गौरव कुमार, शहीदों के परिजन, पूर्व सैनिक, बड़ी संख्या में सैनिक तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।








