ईपीएफ का ब्याज अभी तक नहीं आया? एसएमएस का इंतजार छोडि़ए, घर बैठे मिनटों में ऐसे चेक करें अपना बैलेंस

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने 15 जुलाई से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तय 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज का पैसा पीएफ खातों में जमा करना शुरू कर दिया है। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल रही है और कई सदस्यों के मोबाइल पर ब्याज जमा होने के एसएमएस भी आने लगे हैं। अगर आपको अभी तक ईपीएफओ की तरफ से कोई मैसेज नहीं मिला है, तो बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है। सभी खातों में पैसा एक साथ नहीं बल्कि अलग-अलग बैच में भेजा जा रहा है, इसलिए आपके अकाउंट में बैलेंस अपडेट होने में थोड़ा समय लग सकता है।
पोर्टल पर पासबुक देखकर चेक करें अपना बैलेंस
ब्याज का पैसा खाते में आया या नहीं, यह जानने के लिए आप एसएमएस का इंतजार किए बिना खुद भी ऑनलाइन जांच कर सकते हैं। इसके लिए सबसे आसान तरीका ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल का इस्तेमाल करना है। आप पोर्टल पर लॉग इन करके मेंबर पासबुक सेक्शन में जा सकते हैं, जहां आपको अपना यूएएन (्रहृ) और पासवर्ड डालना होगा। लॉग इन करने के बाद आपको शुरुआती और अंतिम बैलेंस, कर्मचारी व नियोक्ता के योगदान और ब्याज की पूरी डिटेल मिल जाएगी। अगर आपके खाते में ब्याज का पैसा जमा हो चुका है, तो वह तुरंत आपकी पासबुक में नजर आ जाएगा।
मिस्ड कॉल और एसएमएस से भी जान सकते हैं खाते का हाल
अगर आप इंटरनेट या पोर्टल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो मोबाइल से मिस्ड कॉल या एसएमएस के जरिए भी बैलेंस चेक कर सकते हैं। इसके लिए बस आपका मोबाइल नंबर यूएएन से रजिस्टर्ड होना चाहिए। आप अपने रजिस्टर्ड नंबर से 011-22901406 पर मिस्ड कॉल देकर तुरंत पीएफ बैलेंस की जानकारी पा सकते हैं, जो कि एक पूरी तरह मुफ्त सेवा है। इसके अलावा, आप 7738299899 पर एक एसएमएस भेजकर भी अपने खाते का हाल जान सकते हैं। इसके लिए आपको मैसेज बॉक्स में ‘श्वक्कस्नह्र॥ह्र ्रहृ श्वहृत्र’ टाइप करके भेजना होगा। अगर आप किसी अन्य भाषा जैसे मराठी में जानकारी चाहते हैं, तो ‘श्वहृत्र’ की जगह ‘रू्रक्र’ लिख सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपके यूएएन का आधार, पैन और बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य है।
ब्याज जमा होने में देरी होने पर भी नहीं होगा कोई आर्थिक नुकसान
कई कर्मचारियों के मन में यह सवाल होता है कि अगर ब्याज का पैसा देरी से खाते में जमा हुआ, तो क्या उन्हें कोई नुकसान होगा। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि ब्याज क्रेडिट होने में देरी से सदस्यों को कोई भी आर्थिक नुकसान नहीं होता है। ईपीएफ योजना 1952 के पैराग्राफ 60 के तहत ब्याज की गणना हर महीने के रनिंग बैलेंस के आधार पर की जाती है, भले ही उसे वित्त वर्ष के अंत में या कुछ समय बाद खाते में क्रेडिट किया जाए। इसका सीधा मतलब यह है कि ईपीएफओ हर महीने के बैलेंस पर ब्याज जोड़ता रहता है, इसलिए देरी होने के बावजूद हर सदस्य को तय दर के अनुसार पूरे ब्याज का पैसा मिलता है।

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