सीजेपी और सरकार के बीच दूसरी बार बातचीत, प्रधान के इस्तीफे पर आज जवाब देगी सरकार

Join Us

नईदिल्ली, (आरएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच दूसरी बार बातचीत हुई। दिल्ली के वि_लभाई पटेल हाउस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की सीजेपी प्रतिनिधियों के साथ करीब एक घंटे चर्चा हुई। बैठक के बाद सीजेपी प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकार ने उनकी 3 मांगों में से 2 मांगों पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। आज सुरक्षा और आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक हुई है। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर आज दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही हटा देगी। सरकार ने नीट पेपर लीक के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजे और छात्रों पर एफआईआर और कानूनी मामले वापस लेने की 2 मांगों पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। सीजेपी ने कहा कि प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं होगा।बैठक के बाद नड्डा ने कहा, बैठक लगभग 2 घंटे तक चली। सरकार की ओर से मैं और मेरे साथ जितेंद्र सिंह थे। उनकी बातें हमने सुनी और सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। उनकी 3 मुख्य मांगें थीं और परीक्षाओं के लिए 5 सुधार के सुझाव थे। हमने उनसे कहा है कि हम आज दोपहर फिर मिलेंगे और सरकार के बीच हुई बातचीत के बारे में उन्हें बताएंगे।सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को भी बंद कर दिया है। डीएमआरसी ने कहा, नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को अगले आदेश तक बंद किया गया है। इस स्टेशन पर कोई इंटरचेंज सुविधा भी उपलब्ध नहीं होगी। यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए हमें खेद है।
इससे पहले सुबह 7:30 बजे दिल्ली मेट्रो के 17 स्टेशनों को बंद कर दिया गया था।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।
दिपके ने कहा, प्रधान का इस्तीफा ही एकमात्र स्वीकार्य नतीजा है। यह आंदोलन देश के युवाओं का है, न कि किसी राजनीतिक पार्टी का। हमें प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। विरोध प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को हिरासत में रखा गया था।
पेपर लीक को लेकर बढ़ते विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। माना जा रहा है कि बैठक में परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए नए सुझावों पर विचार किया जाएगा।
खबर है कि पुराने कानून में संशोधन कर उसे और ज्यादा सख्त बनाने पर भी विचार किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री के बयान से इसके संकेत निकाले जा रहे हैं।

Previous articleसंसद मानसून सत्र: विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित
Next articleभूख हड़ताल खत्म, जवाबदेही की शुरुआत, सोनम वांगचुक ने जारी किया वीडियो संदेश