यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सेना के कमांडर-इन-चीफ जनरल ओलेक्सांद्र सिर्स्की को पद से हटाकर उनकी जगह मिखाइलो ड्रापाती को नया सेना प्रमुख नियुक्त किया है। यह फैसला कीव समेत देश के कई शहरों में पिछले कई दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच लिया गया।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि सैन्य कमांडरों के साथ कई बैठकों के बाद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—दुश्मन पर जीत हासिल करना और रूस पर ऐसा दबाव बनाना कि वह शांति की दिशा में आगे बढऩे को मजबूर हो।
राष्ट्रपति ने जनरल सिर्स्की के कार्यकाल की सराहना करते हुए कीव की रक्षा, खारकीव और कुर्स्क अभियानों में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की मजबूत मोर्चाबंदी में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
नवनियुक्त सेना प्रमुख मिखाइलो ड्रापाती ने फेसबुक पर कहा कि देश की सेवा करना उनके लिए हमेशा सम्मान की बात रही है और मौजूदा युद्ध के दौर में यह सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने सिर्स्की का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि वह पूरी प्रतिबद्धता के साथ सेना का नेतृत्व करेंगे।
जेलेंस्की ने नए सैन्य नेतृत्व को रक्षा रणनीति में सुधार, सेना के आधुनिकीकरण, हथियारों और ड्रोन की तेज आपूर्ति, एयर डिफेंस को मजबूत करने तथा पारदर्शी और प्रभावी सैन्य भर्ती व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शनकारी जनरल सिर्स्की को हटाने की मांग कर रहे थे। उनका आरोप था कि वह सोवियत दौर की सैन्य कार्यशैली पर निर्भर हैं और सेना में जरूरी सुधारों की गति धीमी कर रहे हैं।
इसी बीच रक्षा मंत्री पद से हटाए गए मिखाइलो फेदोरोव ने भी सिर्स्की की सार्वजनिक रूप से आलोचना करते हुए कहा था कि युद्ध में सफलता के लिए यूक्रेन को नए नेतृत्व और तेज सैन्य सुधारों की आवश्यकता है। बढ़ते विरोध के बाद सरकार ने सेना के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव का फैसला लिया।








