उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, 24 घंटे में तीन की मौत; यमुनोत्री हाईवे अब भी बंद

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देहरादून, (ए.)। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पिछले 24 घंटों में प्राकृतिक आपदाओं और सडक़ दुर्घटनाओं से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में मलबा, बोल्डर गिरने और जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-134) पालीगाड़ के पास मलबा आने के कारण अब भी बंद है।राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) की सोमवार को जारी 24 घंटे की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील के पोषिला गांव में जंगल में बकरियां चरा रहे 52 वर्षीय दीवान सिंह की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।नैनीताल जिले के हल्द्वानी ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से एक पैदल यात्री की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर वाहन और चालक की तलाश शुरू कर दी है।टिहरी जिले के प्रतापनगर-लंबगांव मोटर मार्ग पर एक कार करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई। दुर्घटना में चालक 38 वर्षीय होशियार सिंह पंवार, निवासी खोलगढ़, गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।रुद्रप्रयाग जिले के संकराड़ी-खाकरा-पीपली मार्ग पर एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। हादसे में दो महिलाओं सहित तीन लोग घायल हो गए, जबकि वाहन में मौजूद एक भैंस की मौत हो गई। घायलों को बेस अस्पताल श्रीनगर में भर्ती कराया गया है। पौड़ी जिले के ऋषिकेश-कीर्तिनगर मोटर मार्ग पर चलती कार के ऊपर पेड़ गिरने से एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
चमोली जिले के नारायणबगड़ बाजार में सोमवार तडक़े हुई बारिश के बाद छह से सात दुकानों में पानी और मलबा घुस गया। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। राजस्व विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है, जबकि बीआरओ मलबा हटाने में जुटा है। जिले के कंडेई क्षेत्र में एक गोशाला के ऊपर बोल्डर गिरने से कुछ पशुओं के दबने की सूचना है। राजस्व एवं डीडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट तहसील के लाली वार्ड में एक आवासीय भवन के पीछे की दीवार से पत्थर घर के भीतर आ गिरा। हालांकि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।

देहरादून के संतला देवी मंदिर क्षेत्र में नदी के बीच टापू रविवार शाम सात लोग फंस गए थे। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ, अग्निशमन, 108 एम्बुलेंस सेवा व तहसील प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया।

एसईओसी के अनुसार, लगातार वर्षा के बावजूद बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-7), ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग, केदारनाथ मार्ग, एनएच-107बी और कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अधिकांश प्रमुख मार्गों पर यातायात सामान्य बना हुआ है। हालांकि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-134) पालीगाड़ के पास मलबा आने के कारण बाधित है और मार्ग को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

प्रशासन ने मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए लोगों और यात्रियों से यात्रा पर निकलने से पहले सडक़ और मौसम की ताजा जानकारी लेने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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