तीन छात्रों का कमाल, चोट से बचाने वाली स्पोर्ट्स टी-शर्ट बनाकर जीता नेशनल हैकाथॉन

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तमिलनाडु के सोना कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी के तीन छात्रों ने ऐसी खास स्पोर्ट्स टी-शर्ट तैयार की है, जो तेज रफ्तार वाली गेंद लगने से खिलाडिय़ों को होने वाली इंजरी को कम करने में मदद करती है। इस शानदार इनोवेशन के चलते उन्होंने सरकार समर्थित ‘संरचना डिजाइन इनोवेशन हैकाथॉन’ जीता।
कॉलेज की ओर से सोमवार को जारी बयान के अनुसार, बी.टेक फैशन टेक्नोलॉजी के छात्र नंदीश्वर एम., जी. सरन और सुष्मिता के.एस. ने यह उपलब्धि हासिल की। यह प्रतियोगिता कपड़ा मंत्रालय ने 14 से 17 जुलाई तक नई दिल्ली में आयोजित भारतटेक्स 2026 के दौरान कराई थी। देशभर से आई 700 से अधिक प्रविष्टियों में उनकी टीम विजेता रही। इसके लिए उन्हें 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया गया।
छात्रों ने जो स्पोर्ट्स टी-शर्ट बनाई है, उसमें अंदर की तरफ एक खास सुरक्षा परत लगाई गई है। यह परत शियर-थिकनिंग फ्लूइड (एसटीएफ) नाम के आधुनिक पदार्थ से तैयार की गई है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि सामान्य स्थिति में यह नरम और लचीला रहता है, लेकिन जैसे ही इस पर तेज झटका या दबाव पड़ता है, यह तुरंत सख्त हो जाता है।
इस तकनीक की मदद से तेज रफ्तार वाली गेंद की टक्कर से पैदा होने वाली ताकत को काफी हद तक सोख लिया जाता है और उसे फैला दिया जाता है। इससे शरीर पर लगने वाला असर कम होता है और चोट का खतरा घट जाता है। इस टी-शर्ट का इस्तेमाल क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबॉल और गोल्फ जैसे खेलों में किया जा सकता है।
कॉलेज के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य खिलाडिय़ों को ऐसा स्पोर्ट्स वियर देना है, जो पहनने में हल्का और आरामदायक हो, लेकिन साथ ही उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा भी दे। इससे खिलाडिय़ों को भारी सुरक्षा उपकरण पहनने की जरूरत कम हो सकती है। कॉलेज के फैशन टेक्नोलॉजी विभाग की एक दूसरी टीम ने भी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। सुप्रिया ई., मोनिका एस. और कबीला श्री एन.आर. की टीम को ‘बेस्ट इनोवेशन प्रोजेक्ट’ श्रेणी में ‘स्पेशल इनोवेशन रिकग्निशन अवॉर्ड’ मिला। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों की मदद से सूती कपड़े को आग-रोधी बनाने की नई प्रक्रिया विकसित की है। उनके पर्यावरण के अनुकूल विचार और सुरक्षात्मक कपड़ों के क्षेत्र में संभावित उपयोग को देखते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।
सोना कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रिंसिपल एस.आर.आर. सेंथिलकुमार ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता संस्थान में नवाचार और व्यावहारिक शिक्षा पर दिए जा रहे जोर का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कॉलेज के छात्रों को विज्ञान और इंजीनियरिंग के ज्ञान का उपयोग समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया जाता है। भारतटेक्स 2026 में मिली यह सफलता टेक्निकल टेक्सटाइल्स और फंक्शनल कपड़ों के क्षेत्र में विभाग की मजबूत क्षमता को भी दिखाती है। कपड़ा मंत्रालय ने नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन (एनटीटीएम) के सहयोग से इस हैकाथॉन का आयोजन किया था। इसका उद्देश्य टेक्निकल टेक्सटाइल्स, फंक्शनल कपड़ों और नए उत्पादों के विकास के क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।

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