सभापति ने बलबीर के. पुंज, स्वपन साधन बोस, रंगासायी रामकृष्ण, एच. हनुमंथप्पा और शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर जताया गहरा शोक
राज्यसभा में सोमवार को सभापति ने सदन की कार्यवाही शुरू होने पर पूर्व राज्यसभा सदस्यों बलबीर के. पुंज, स्वपन साधन बोस, रंगासायी रामकृष्ण और एच. हनुमंथप्पा के साथ-साथ कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। श्रद्धांजलि संदेश के बाद सदन ने दिवंगत आत्माओं की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभापति ने बताया कि पूर्व राज्यसभा सदस्य बलबीर के. पुंज का 18 अप्रैल 2026 को 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे वर्ष 2000 से 2006 तक उत्तर प्रदेश तथा 2008 से 2014 तक ओडिशा का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके थे। पंजाब के गुरदासपुर जिले में जन्मे बलबीर पुंज प्रख्यात पत्रकार, लेखक, विचारक और सार्वजनिक बुद्धिजीवी के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर लेखन और विश्लेषण से अपनी अलग पहचान बनाई तथा भारत सरकार के राष्ट्रीय युवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी सेवाएं दीं। सभापति ने कहा कि उनके निधन से देश ने एक प्रतिष्ठित सांसद, वरिष्ठ पत्रकार और प्रख्यात लेखक को खो दिया है।
सभापति ने स्वपन साधन बोस के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। उनका 12 मई 2026 को 78 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे वर्ष 2005 से 2011 तक पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सदस्य रहे। खेल जगत में ‘टूटू बोस’ के नाम से प्रसिद्ध स्वपन साधन बोस लंबे समय तक मोहन बागान एथलेटिक क्लब से जुड़े रहे और उसके अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने फीफा क्लब टास्क फोर्स के सदस्य के रूप में भी कार्य किया तथा भारतीय फुटबॉल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सभापति ने कहा कि उनके निधन से देश ने एक प्रतिष्ठित खेल प्रशासक, सक्षम सांसद और समर्पित जनसेवक को खो दिया।
श्रद्धांजलि संदेश में रंगासायी रामकृष्ण को भी याद किया गया, जिनका 4 जून 2026 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे वर्ष 2012 से 2018 तक कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य रहे। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे रामकृष्ण ने राजस्थान सरकार और भारत सरकार में अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे जिनेवा स्थित इकनॉमिक कमिशन फॉर यूरोप, जीएटीटी तथा यूएनसीटीएडी से भी जुड़े रहे। सभापति ने उन्हें समर्पित लोकसेवक और कुशल सांसद बताया।
सभापति ने एच. हनुमंथप्पा के निधन पर भी गहरा दुख व्यक्त किया। उनका 12 जुलाई 2026 को 94 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे वर्ष 1982 से 2000 तक लगातार तीन कार्यकालों तक कर्नाटक का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व करते रहे। पेशे से अधिवक्ता हनुमंथप्पा ने रेलवे सेवा आयोग, बेंगलुरु के अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। उन्होंने ग्रामीण विकास, सिंचाई, किसानों के कल्याण और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। सभापति ने कहा कि उनके निधन से देश ने एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता, उत्कृष्ट लोकसेवक और प्रख्यात सांसद को खो दिया है।
सदन ने कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। उनका 12 जुलाई 2026 को 74 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उन्होंने वर्ष 1995 से 2013 तक लगभग 18 वर्षों तक कतर के अमीर के रूप में नेतृत्व किया। सभापति ने उन्हें दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने आधुनिक कतर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारत-कतर संबंधों को मजबूत करने में भी उल्लेखनीय योगदान दिया।
श्रद्धांजलि संदेश के अंत में सभापति ने कहा कि राज्यसभा दिवंगत नेताओं के परिजनों, कतर सरकार और वहां की जनता के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करती है। इसके बाद उन्होंने सभी सदस्यों से अपने स्थान पर खड़े होकर दिवंगत आत्माओं की स्मृति में दो मिनट का मौन रखने का अनुरोध किया, जिसके साथ सदन ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।








