सरोवर नगरी नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट के बीच हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीती रात शुरू हुई तेज बारिश शुक्रवार सुबह तक जारी रही। जिले में 119 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि नैनी झील का जलस्तर बढक़र 81.3 फीट पहुंच गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण एक राज्य मार्ग सहित 22 सडक़ें बंद हो गई हैं और कई इलाकों में यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
बारिश के चलते शहर के सात नंबर क्षेत्र और अपर माल रोड से ऊपर जाने वाले संपर्क मार्ग की सुरक्षा दीवार भूस्खलन की चपेट में आकर ढह गई। सूचना मिलते ही एसडीएम नवाजिश खलीक ने अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की।
लगातार बारिश के कारण शहर की सडक़ों पर जलभराव हो गया है। नाले उफान पर हैं और लंबे समय से सूखे पड़े प्राकृतिक जलस्रोत भी फिर से सक्रिय हो गए हैं। जगह-जगह सडक़ों पर पानी बहने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
बारिश का असर पर्यटन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। खराब मौसम के कारण पर्यटकों की संख्या में कमी आई है, जिससे होटल और पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
कुमाऊं में भी हालात गंभीर
लगातार बारिश का असर पूरे कुमाऊं मंडल में देखने को मिल रहा है। आयुक्त कार्यालय के अनुसार मंडल की 54 सडक़ें बंद हैं, जिनमें बेतालघाट-मुक्तेश्वर, बेतालघाट-खैरना, पिथौरागढ़ का थल-मुनस्यारी मार्ग और खुटानी-धानाचूली राज्य मार्ग प्रमुख हैं। कई क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कमिश्नर दीपक रावत ने सभी जिलाधिकारियों को बंद सडक़ों को युद्धस्तर पर खोलने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।








