रायपुर (आरएनएस) बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब और मानसूनी द्रोणिका के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश ने जोर पकड़ लिया है। रविवार को मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। राजधानी रायपुर में 154.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि दुर्ग में 181 मिलीमीटर और राजिम में 185.8 मिलीमीटर बारिश ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रायपुर में रात भर बारिश हुई है। सुबह से ही रिमझिम बारिश हो रही है। यह बारिश किसानों के लिए बेहद राहत भरी है। खेतों में पानी जमा होने से धान की बोनी का कार्य तेज हो गया है।
हालांकि, प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी कम बारिश हुई है। पिछले 36 घंटे से हो लगातार मूसलाधार बारिश ने पूरे प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर रफ्तार से हवाओं ने ने कहर मचाया हैं। कहीं सडक़ें बह गई, कहीं लोग बाढ़ के पानी में फंस गए, जिन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला जा रहा हैं। जिलों में नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही है। कई एनीकट से ऊपर से पानी बह रहा है। दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट चुका है। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि 8 जुलाई से पहले राहत मिलने के आसार कम है। लगातार 36 घंटे से हो रही बारिश ने निर्माण कार्यों के गुणवत्ता की भी पोल खोल दी है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सडक़े टूट गई हैं, पुल-पुलियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। राजनांदगांव के रेलवे ओवर बिज्ञ की सडक़ बीचो-बीच फट गई, वहीं जिला अस्पताल में पानी मरीजों के बेड तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने निकले इलाके में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की एडवाजरी का पालन करने की अपील की है।मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और खराब मौसम में नदी-नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी है। विभाग का अनुमान है कि 8 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, जिससे स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
तापमान सामान्य से नीचे
रविवार को मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे तक प्रदेश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। राजधानी समेत कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे और तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग का कहना है कि आठ जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता और फैलाव में कमी आ सकती है।
कई इलाकों में संपर्क टूटा
भारी बारिश के कारण प्रदेश के कई अंदरूनी इलाकों का मुख्यधारा से संपर्क कट गया है। रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है तो कहीं नदी पुल के ऊपर से बह रही है। राजमार्ग पर भी जल जमाव होने के समाचार हैं।
राजिम में 18 सेमी बारिश
राजधानी में 154.4 मिलीमीटर, रायपुर सिटी में 153.1, माना एयरपोर्ट में 138.3 और गोबरानवापारा में 143.7 वर्षा हुई। दुर्ग जिले में 181 मिलीमीटर, पाटन में 144.8, भिलाई में 115.5, राजिम में 185.8, राजनांदगांव में 146, छुरा में 158.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बालोद, महासमुंद और धमतरी में भी झमाझम बालोद जिले के अर्जुंदा में 126.5 मिलीमीटर और गुंडरदेही में 118.7 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हुई। मर्री बंगला देवरी में 97.5, महासमुंद जिले के कोमाखान में 102.6, महासमुंद में 81.5, बागबाहरा में 80.1, धमतरी में 73, कुरूद में 64.5 और नगरी में 42.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण रायपुर-दुर्ग नेशनल हाईवे पर कुम्हारी ओवरब्रिज के समीप चंदनडीह क्षेत्र में जलभराव होने से यातायात प्रभावित हो गया है। जलभराव के चलते इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही धीमी गति से हो रही है, जिससे यात्रियों को आवागमन में विलंब का सामना करना पड़ रहा है। इधर, निर्माण कार्य के कारण सिरसा गेट मार्ग भी पूरी तरह बंद है। ऐसे में इस मार्ग का उपयोग किसी भी स्थिति में वैकल्पिक रास्ते के रूप में नहीं किया जा सकता। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए दुर्ग पुलिस ने प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। साथ ही आवश्यकतानुसार डायवर्सन लागू कर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है।
भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग
राजनांदगांव से रायपुर जाने वाले भारी वाहन: अंजोरा बाईपास – पुलगांव चौक – अंडा – रिसामा – गाड़ाडीह – मर्रा – जामगांव (एम) – मोतीपुर – अमलेश्वर होते हुए रायपुर जाएंगे।
बालोद से रायपुर जाने वाले भारी वाहन: अंडा – रिसामा – गाड़ाडीह – मर्रा – जामगांव (एम) – मोतीपुर – अमलेश्वर मार्ग का उपयोग करेंगे।
अन्य वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग
ट्रांसपोर्ट नगर, भिलाई अथवा नेशनल हाईवे से रायपुर जाने वाले वाहन: अहिरवारा मोड़ – कुम्हारी – मुरमुंडा चौक – कोचेबंद – मलपुरी कला – भालेसर – कंडरका चौक – पथरीडी – उरला – बिरगांव होते हुए रायपुर जाएंगे।
.भिलाई एवं भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों के वाहन: उतई – सेलूद – फूंडा – मोतीपुर मार्ग का उपयोग करें।\
तेजी से बढ़ रहा शिवनाथ का जलस्तर
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। महमरा एनीकट के ऊपर पानी चार करीब फीट ऊपर बह रहा है। नदी स्थित दुर्ग निगम के इंटकवेल में कचरा फंसने से शहर में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। बारिश की स्थिति को देखते हुए जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी, नगरसेना दुर्ग, नागेंद्र कुमार सिंह ने नदी के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान महमरा एनीकट पर पानी एनीकट के स्तर से लगभग चार फीट ऊपर बहता पाया गया।
गकोसुमबूड़ा पुल टूट
गरियाबंद जिले के छुरा और फिंगेश्वर तहसील क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के कारण छुरा-कुसमी मार्ग पर बरसाती नाले पर बना कोसुमबूड़ा पुल टूट गया, जिससे आसपास के 10 से अधिक गांवों का छुरा मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। पुल टूटने के बाद ग्रामीणों की आवाजाही बंद हो गई है और दैनिक जरूरतों के लिए भी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, कोसुमबूड़ा पुल का निर्माण कई वर्ष पहले बरसाती नाले पर किया गया था। लगातार हो रही बारिश के चलते नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ा और तेज बहाव के कारण पुल क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। पुल के ध्वस्त होते ही छुरा-कुसमी मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया।
नदी किनारे कराई मुनादी
वहीं, गुरुद्वारा के पास स्थित पुराने पुल पर नदी का जल खतरे के निशान से करीब पांच फीट नीचे पहुंच चुका है और लगातार बढ़ रहा है। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और आसपास के सभी गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही नदी तट पर संचालित ईंट भट्टों के संचालकों को अपने मजदूरों एवं अन्य लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ दुर्ग की रेस्क्यू टीम को नगरसेना कार्यालय परिसर में 24 घंटे अलर्ट मोड पर तैनात रखा गया है।
तेज बहाव से 14 मजदूरों को बचाया
छुरा गरियाबंद के बीजापाल व जोगी गांव में पुल बनाने के कार्य में लगे 14 मजदूर अचानक बगनई नदी में आए तेज बहाव के कारण बीच धारा में फंस गए। जान बचाने के लिए मजदूरों को नदी किनारे मौजूद एक पेड़ का सहारा लेना पड़ा। सभी मजदूरों ने पूरी रात पेड़ पर ही बिताई सुबह रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला।
24 घंटे के लिए चेतावनी
ऑरिंज अलर्ट – कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बालोद, कांकेर
यलो अलर्ट – बलरामपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, गौरेला पेड़ा मरवाही, बिलासपुर, कोरबा, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद








