नईदिल्ली (आरएनएस)। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने का रास्ता आसान हो गया है। सोमवार को यूरोपीय मानवाधिकार कोर्ट (ईसीएचआर) ने उनको झटका देते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी। मोदी ने अप्रैल 2026 में अपने प्रत्यर्पण को मानवाधिकार का उल्लंघन बताते हुए ईसीएचआर में याचिका दायर की थी। यह याचिका खारिज होने के बाद अब मोदी के अपील के लिए कोई विकल्प नहीं बचा है और अब जल्द ही उनको भारत भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने मोदी की तमाम याचिकाओं को अस्वीकार कर दिया था और उसके तत्काल प्रत्यर्पण के लिए दस्तावेजों को भारत को सौंपने का फैसला दिया था। तब हाई कोर्ट ने यह माना था कि जेल की स्थितियों और व्यवहार के संबंध में मोदी ने जो आपत्तियां उठाई हैं, उस पर भारत की ओर से दिए गए आश्वासन पर्याप्त थे। इसके बाद अप्रैल 2026 में मोदी ईसीएचआर के समक्ष पहुंचे थे। मोदी ने ईसीएचआर में दावा किया था कि भारत में प्रत्यर्पण के बाद उनको यातना और खराब जेल से स्वास्थ्य बिगडऩे का डर है। उन्होंने दावा किया कि अगर उन्हें भारत भेज दिया गया तो, उन पर पुलिस या जेल में यातना दी जाएगी। भारत की जेलों की स्थिति बहुत खराब है, जिससे उनके मानवाधिकार का उल्लंघन होगा।








