भोपाल(ए)। मप्र में मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में तबाही जैसे हालात पैदा कर दिए। कहीं गांवों में बाढ़ का पानी घरों और स्कूलों में घुस गया, कहीं तेज बहाव में ट्रैक्टर पलट गया, तो कहीं पुलों के ऊपर से नदियां बहने लगीं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया। नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। कई इलाकों में घरों और खेतों में पानी भर गया है, जबकि कई सडक़ों और पुलों पर पानी बहने से यातायात प्रभावित हुआ है। हरदा में तेज बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया है। ग्राम मांदला के पास कालीमाचक नदी का पानी पुल से करीब तीन फीट ऊपर बह रहा है, जिससे नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे बंद हो गया है। आष्टा क्षेत्र के बापचा दोनिया गांव में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। घटना के बाद परिजन दोनों बच्चों को आष्टा के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में ढाई इंच से ज्यादा बारिश हुई। मंडला में 2.2 इंच, खंडवा में पौने 2 इंच, भोपाल में डेढ़ इंच, दतिया, नौगांव और बालाघाट में सवा इंच, रतलाम, बैतूल और धार में 1 इंच, खरगोन में आधा इंच से ज्यादा, पचमढ़ी और दमोह में आधा इंच, जबकि नर्मदापुरम, जबलपुर और उमरिया में पौन इंच बारिश हुई।खंडवा में पिछले कई घंटों से झमाझम बारिश जारी है। रेड अलर्ट के बीच यहां चार इंच तक बारिश होने का अनुमान है। लगातार हो रही तेज बारिश के चलते खंडवा जिले के किल्लौद ब्लॉक के ग्राम गरबड़ी स्थित नाले में बाढ़ आ गई। उफनते नाले के कारण खिरकिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। इससे सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पानी का बहाव कम होने तक नाले को पार करने की कोशिश न करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के कई निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।आष्टा ब्लॉक में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। पार्वती, पपनास और नेवज नदी का जलस्तर बढ़ गया है। खाचरोद, मेहतवाड़ा, मैना, कोठरी, भंवरा, बागैर, सिंगारचोरी, हराजखेड़ी, ढकनी और मुगली समेत कई गांवों में घरों में पानी घुस गया है। लगातार बारिश से खेत भी तालाब जैसे नजर आने लगे हैं। वहीं, ग्राम पंचायत बड़घाटी-रामापुरा में बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंचने से किसानों की सोयाबीन फसल को नुकसान हुआ है। सीहोर के अमलाहा-गोलूखेड़ी मार्ग पर अजनाल नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। बता दें, इंदौर-उज्जैन समेत प्रदेश के 19 जिलों में शनिवार को अति भारी या भारी बारिश की संभावना है।
पूर्वी-पश्चिमी निमाड़ बेहाल
ओंकारेश्वर पूर्वी और पश्चिमी निमाड़ क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार वर्षा के कारण छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर हैं, कई पुल-पुलियों के ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी गुजर रहा है। गांवों की गलियां नदी जैसी दिखाई दे रही हैं, जबकि शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को जोडऩे वाले अनेक मार्ग जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित हो गया है। ओंकारेश्वर सहित आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर लोग जान जोखिम में डालकर पानी से लबालब पुल-पुलियों को पार करते नजर आए। प्रशासन और स्थानीय लोगों द्वारा लगातार समझाइश देने के बावजूद कई लोग तेज बहाव वाले रास्तों से गुजरने का प्रयास करते रहे, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ओंकारेश्वर नगर में बारिश का पानी नालियों के माध्यम से घाटों की ओर इस वेग से बहता दिखाई दिया, मानो प्राकृतिक झरने फूट पड़े हों। नर्मदा तट पर भी जलस्तर बढऩे से प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है।








