आरजीपीवी यूनिवर्सिटी से पेपर चोरी का बड़ा मामला, परीक्षा स्थगित; विपक्ष ने उठाए सवाल

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मध्य प्रदेश की राजधानी में स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय  में बीटेक चौथे सेमेस्टर के प्रश्नपत्र चोरी होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय परिसर से सीलबंद लिफाफों में सुरक्षित रखे गए नौ क्वेश्चन पेपर अचानक गायब हो गए, जिसकी वजह से शुक्रवार सुबह होने वाली परीक्षा को ऐन वक्त पर टालना पड़ा। इस अप्रत्याशित घटना ने विश्वविद्यालय के सुरक्षा प्रबंधों और गोपनीयता व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त, परीक्षा नियंत्रक को नोटिस
पेपर गायब होने की भनक लगते ही आरजीपीवी प्रबंधन में हडक़ंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलगुरु डॉ. आलोक शर्मा ने तत्काल कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट   की परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी को एक कारण बताओ नोटिस थमाते हुए पांच दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। इसके साथ ही, इस पूरे सुरक्षा चूक मामले की एक विस्तृत जांच रिपोर्ट भी मांगी गई है ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके।
घटनाक्रम को लेकर पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। जांच दल इस बात का पता लगा रहा है कि कड़े पहरे के बीच से सीलबंद लिफाफे कैसे गायब हुए और क्या इसमें संस्थान के ही किसी कर्मचारी की संलिप्तता है। दूसरी ओर, ऐन वक्त पर परीक्षा निरस्त होने के कारण केंद्र पर पहुंचे करीब 200 विद्यार्थियों को बिना परीक्षा दिए ही वापस लौटना पड़ा, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी है।
मामले पर सियासी घमासान और सरकार की घेराबंदी
शिक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में इस तरह की घटनाएं लगातार पैर पसार रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब शैक्षणिक संस्थानों में प्रश्नपत्र ही सुरक्षित नहीं हैं, तो पूरी शिक्षा प्रणाली और उसकी शुचिता पर उंगलियां उठना स्वाभाविक है

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