उज्जैन (ए.) । उज्जैन, देवास और इंदौर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शिप्रा नदी उफान पर है और रामघाट के कई मंदिर जलमग्न हो गए हैं। वहीं बडऩगर में शॉर्टकट के चक्कर में उफनती पुलिया पार कर रहे सहायक सचिव बाइक समेत बह गए। 13 घंटे बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। जगोटी में भी एक युवक रपट पुलिया पर बाइक समेत बह गया, हालांकि तैरकर उसने अपनी जान बचा ली।
शिप्रा के उफान से डूबे रामघाट के मंदिर
लगातार बारिश से उज्जैन में शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। रामघाट समेत कई घाटों पर बने छोटे-बड़े मंदिर आंशिक रूप से डूब गए हैं। शिप्रा ब्रिज की छोटी रपट पानी में डूबने के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई है। एहतियातन होमगार्ड और पुलिस के जवान घाटों पर तैनात हैं, जो पेट्रोलिंग कर लोगों को गहरे पानी में जाने से रोक रहे हैं। होमगार्ड घाट प्रभारी ईश्वर लाल चौधरी का कहना है कि यह जलस्तर फिलहाल सामान्य है। बारिश के दौरान शिप्रा इससे कई गुना अधिक उफान पर रहती है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
52 कुंड पर भी पानी का तेज बहाव देखने को मिला। पानी की तेज धार ने यहां का नजारा पूरी तरह बदल दिया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव के दौरान नदी और कुंड के किनारे जाने या पानी के पास जाने की लापरवाही न करें।
शॉर्टकट के चक्कर में बह गए सहायक सचिव
दूसरी ओर, बडऩगर तहसील के गावड़ी लोधा में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। ग्राम पंचायत के सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा बडऩगर से लौटते समय गांव की पुरानी उफनती पुलिया पार कर रहे थे। उनके साथी कृष्ण पाल सिंह अधिक पानी देखकर बाइक से उतर गए, लेकिन सूर्य प्रताप बाइक निकालने लगे और तेज बहाव में बाइक सहित बह गए। रात एक बजे उनकी बाइक करीब 50 मीटर दूर मिल गई, लेकिन शुक्रवार दोपहर तक सूर्य प्रताप का कोई पता नहीं चला।
एसडीआरएफ और पुलिस की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है। इंगोरिया थाना प्रभारी दीपेश व्यास ने बताया कि नया रास्ता उपलब्ध होने के बावजूद वे शॉर्टकट के चक्कर में पुरानी पुलिया से निकले, जिससे यह हादसा हुआ।
ग्रामीणों की चेतावनी अनसुनी करना युवक को पड़ा भारी
इसी तरह जगोटी-खेड़ा खजुरिया मार्ग पर झालड़ा खाल की रपट पुलिया पर जगोटी निवासी केशु आंजना खेत से लौटते समय ग्रामीणों के मना करने के बावजूद बाइक हाथ में पकडक़र पुलिया पार करने लगा। तेज बहाव में वह बाइक सहित बह गया।
गनीमत रही कि तैरना जानने के कारण उसने किनारे की झाडिय़ां पकडक़र अपनी जान बचा ली, लेकिन उसकी बाइक बह गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों और रपट पुलियाओं को पार करने का जोखिम न लें।








