फीफा विश्व कप 2026: स्पेन ने उरुग्वे को हराया, काबो वर्दे ने नॉकआउट में बनाई जगह

Join Us

फीफा विश्व कप 2026 में शनिवार को ग्रुप- एच में 2 अहम मुकाबले खेले गए। एक मुकाबले में स्पेन ने उरुग्वे को 1-0 से हरा दिया। इसके साथ ही वह ग्रुप की शीर्ष टीम के तौर पर नॉकआउट में पहुंची। इसी तरह एक अन्य मुकाबले में काबो वर्दे ने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ सऊदी अरब के साथ गोल रहित ड्रॉ खेला। इसकी बदलौत काबो वर्दे 3 अंकों के साथ नॉकआउट चरण में जगह पक्की करने में सफल हो गई।
मुकाबले में स्पेन ने जहां आक्रामक रणनीति अपनाई, वहीं उरुग्वे ने रक्षात्मक खेल दिखाया। हालांकि, पहले 40 मिनट तक कोई टीम गोल नहीं कर पाई। 40वें मिनट में स्पेन के एलेक्स बेएना पेनल्टी एरिया के अंदर से एक शॉट लिया। उरुग्वे के 40 वर्षीय गोलकीपर मुसलेरा गेंद को रोकने में नाकाम रहे और और गेंद गोल पोस्ट में चली गई। उसके बाद दोनों टीमों ने गोल के भरसक प्रयास किए, लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिली।
2 बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे अपने इतिहास में लगातार दूसरी बार विश्व कप के ग्रुप चरण से बाहर हो गई। इससे पहले 2022 में ऐसा हुआ था। उरुग्वे की टीम टूर्नामेंट के अपने तीनों ग्रुप मैचों में (2 ड्रा, 1 हार) एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी। स्पेन ने उरुग्वे के खिलाफ अपना अजेय रिकॉर्ड बरकरार रखा। दोनों टीमों के बीच हुए कुल 11 मुकाबलों में स्पेन ने 6 मैच जीते हैं और 5 ड्रा रहे हैं।
मैच का पहला हाफ काफी धीमा और रक्षात्मक रहा। दोनों ही टीमों को खुलकर खेलने के मौके नहीं मिले। 33वें मिनट में सऊदी अरब के डिफेंडर हसन अल-तम्बकती चोटिल हो गए और उन्हें स्ट्रेचर पर बाहर ले जाना पड़ा। दूसरे हाफ में खेल आक्रामक हो गया। सऊदी अरब को आगे बढऩे के लिए जीत की जरूरत थी। 49वें मिनट में काबो वर्दे के जमीरो मोंटेइरो को गोल का मौका मिला, लेकिन सऊदी गोलकीपर अल-ओवैस ने शानदार बचाव किया।
इस ड्रॉ के साथ काबो वर्डे फीफा विश्व कप के इतिहास में नॉकआउट चरण में जगह बनाने वाला दुनिया का सबसे छोटा देश (क्षेत्रफल के हिसाब से) बन गया है। इसी तरह अपने पहले ही विश्व कप डेब्यू में काबो वर्दे ने ग्रुप-॥ के अपने तीनों मैचों में से एक भी मैच नहीं गंवाया। उन्होंने स्पेन (0-0), उरुग्वे (2-2) और अब सऊदी अरब (0-0) के खिलाफ लगातार तीन ड्रॉ खेलकर इतिहास रचा। यह ड्रॉ काबो वर्दे के लिए ऐतिहासिक रहा।
सऊदी अरब की टीम इस पूरे विश्व कप टूर्नामेंट के अपने 3 मैचों में केवल 1 गोल ही कर सकी। ग्रुप चरण में उनका यह प्रदर्शन उनके इतिहास के सबसे कमजोर प्रदर्शनों में से एक रहा है। इसके चलते उसे बाहर भी होना पड़ा है।

Previous articleफीफा विश्व कप 2026: फ्रांस और सेनेगल ने अपने-अपने मुकाबले जीते, मैच में ये रिकॉर्ड्स बने
Next articleआयरलैंड महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, टी-20 विश्व कप में अपनी पहली जीत दर्ज की