पश्चिम बंगाल में सत्ता में आई भाजपा सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारी कर रही है। , मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी मौजूदा विधानसभा सत्र में एक विधेयक पेश कर सकते हैं। पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि बंगाल में सरकार की प्राथमिकता वाले विधायी उपायों में विधानसभा के समक्ष यूसीसी विधेयक पेश करना शामिल होगा। भाजपा ने चुनाव के दौरान अपने संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) में भी इसे लेकर प्रतिबद्धता जताई थी।
संभावना है कि विधेयक को अगले हफ्ते सोमवार को विधानसभा में पेश किया जाएगा, जिस पर बहस हो सकती है। इस पर ममता बनर्जी से बगावत करने वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायकों का रुख देखने वाला होगा। बता दें, बंगाल चुनाव के दौरान संकल्प पत्र जारी करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वादा किया था कि सरकार बनते ही 6 महीने में यूसीसी लागू करेंगे। टीएमसी ने अपने घोषणापत्र में इसे न लागू करने की बात कही थी।
यूसीसी के तहत देश के सभी वर्गों पर एक समान कानून लागू होगा। अभी देश में विवाह-तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मुद्दों पर सभी धर्मों के अपने-अपने कानून हैं और वे उन्हीं को मानते हैं। यूसीसी लागू होने पर सभी धर्मों को इन मुद्दों पर एक कानून को मानना होगा। उत्तराखंड ने सबसे पहले फरवरी 2024 में अपना यूसीसी विधेयक पारित किया था। इसके बाद गुजरात ने इस साल मार्च में और मई में असम ने इसे लागू किया।








