उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चर्चित राशिद हत्याकांड में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने मंगलवार तडक़े एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद मामले के तीसरे मुख्य आरोपी हारून सैफी को गिरफ्तार कर लिया. मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने उसके कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक स्कूटी बरामद की है.
दिल्ली पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान 24 वर्षीय हारून सैफी के रूप में हुई. वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में हुए राशिद हत्याकांड में वांछित था और लंबे समय से फरार था.पुलिस को मंगलवार तडक़े हारून की मौजूदगी के संबंध में विशेष सूचना मिली. इसके बाद उत्तर-पूर्वी जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने सिग्नेचर ब्रिज और खजूरी खास मेट्रो स्टेशन के बीच इलाके में घेराबंदी कर उसे पकडऩे का प्रयास किया. इस दौरान आरोपी और पुलिस के बीच कुछ देर तक गोलीबारी हुई. जवाबी कार्रवाई में हारून के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया. पुलिस ने बताया कि हारून के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक स्कूटी बरामद की गई है. उसके खिलाफ दयालपुर थाने में दर्ज एफआईआर के तहत भारतीय न्याय संहिता तथा आर्म्स एक्ट की धारा के अंतर्गत मामला दर्ज है.
जांच के मुताबिक 15 जून को दयालपुर इलाके में राशिद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस का कहना है कि यह वारदात अनवर ठाकुर-हारून गैंग और नसीम गैंग के बीच पुरानी गैंगवार और आपसी रंजिश का नतीजा थी. इससे पहले 18 जून को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भी एक अलग मुठभेड़ के बाद इस हत्याकांड में शामिल दो अन्य वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया था. हारून की गिरफ्तारी के साथ ही मामले के तीसरे प्रमुख आरोपी को भी पुलिस ने पकड़ लिया है. मृतक राशिद के पिता ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग करते हुए कहा कि जिन्होंने उनके बेटे की हत्या की है, उन्हें या तो मुठभेड़ में मार दिया जाए या फिर फांसी दी जाए.








