सुरक्षा बलों ने मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में तीन दिनों तक उग्रवाद विरोधी अभियान चलाया. जॉइंट ऑपरेशन के बाद हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा बरामद किया गया.
मणिपुर पुलिस ने एक्स पोस्ट में बताया कि हथियारबंद उग्रवादियों की मौजूदगी के बारे में विशेष खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, 20 जून को मणिपुर पुलिस, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स, रैपिड एक्शन फोर्स, कोबरा यूनिट्स और इंडियन आर्मी ने मिलकर कांगपोकपी जिले के लीलोन वैफेई, लीलोन मुनलुई, मोल्होई, पी. मोल्डिंग, लीलोन खुनौ और आस-पास के इलाकों में ऑपरेशन शुरू किया. ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाकर्मियों पर संदिग्ध उग्रवादियों ने गोलियां चलाईं, जिसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी हुई. जॉइंट फोर्स ने 21 और 22 जून तक बड़े पैमाने पर तलाशी और इलाके पर नियंत्रण करने का ऑपरेशन जारी रखा.
पुलिस ने बताया कि इस ऑपरेशन में बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए, जिसमें 17 सिंगल और डबल-बैरल बंदूकें, दो एके-47 असॉल्ट राइफल, एक एम4 कार्बाइन, दो सेल्फ-लोडिंग राइफल, एक एसकेएस राइफल और एक इम्प्रोवाइज्ड स्नाइपर .303 राइफल शामिल हैं. सुरक्षा बलों ने 11 सिंगल बैरल लोडिंग राइफले, साथ ही कई तरह के गोला-बारूद, संचार उपकरण और युद्ध जैसे दूसरे सामान भी जब्त किए.
अधिकारियों ने कहा कि यह रिकवरी उग्रवादी गतिविधियों को रोकने और राज्य में सामान्य स्थिति वापस लाने की चल रही कोशिशों में एक बड़ी कामयाबी है.
इस बीच, सुरक्षा बलों ने मणिपुर के अलग-अलग जिलों के संवेदनशील इलाकों में सर्च ऑपरेशन और क्षेत्र में प्रभाव स्थापित करने के अभ्यास तेज कर दिए हैं, ताकि उग्रवादी गतिविधियों को फिर से बढऩे से रोका जा सके.
राज्य के सुरक्षा उपायों के तहत, पहाड़ी और घाटी वाले जिलों में कुल 114 नाके और चेक पॉइंट बनाए गए हैं. सुरक्षाकर्मी हर गतिविधि पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित जांच कर रहे हैं.
अधिकारियों ने नेशनल हाईवे-37 पर 450 गाडिय़ों को आने-जाने में मदद करके आवश्यक चीजों की सुरक्षित आवाजाही भी सुनिश्चित की. आवश्यक चीजों की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए, साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
अधिकारियों ने कहा कि विद्रोही तत्वों के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन जारी रहेंगे और पूरे राज्य में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं.








