उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक व्यावसायिक इमारत में लगी आग के बाद पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने अलीगंज थाने में 6 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें इमारत के मालिक और एनिमेशन सेंटर के संचालक समेत 4 गिरफ्तार किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 4 संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
पुलिस ने सोमवार रात को इमारत के मालिक मदेयगंज निवासी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पेट शॉप के मालिक अलीगंज निवासी रामकृष्ण उपाध्याय, एनिमेशन सेंटर के संचालक बालागंज निवासी तूशॉक कृष्णा जायसवाल और किरायेदार सुरेश कुमार शाहू निवासी केशवनगर को गिरफ्तार कर लिया है। प्राथमिकी में दर्ज नामजद आरोपी धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला की तलाश जारी है। साथ ही, अन्य अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और अग्निशमन संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
मुख्यमंत्री योगी ने घटना को लेकर देर रात उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने दोषियों का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की है। एसआईटी 7 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। फिलहाल, मुख्यमंत्री के निर्देश पर 4 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जिसमें प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए गए गौरव कुमार (बिजली विभाग), कमलेंद्र कुमार सिंह, (दमकल विभाग), अनिल कुमार और प्रमोद पांडे (लखनऊ विकास प्राधिकरण) शामिल हैं। अभी 15 और इंजीनियरों पर गाज गिरेगी।
अलीगंज के उषा मेहता रोड स्थित एक 3 मंजिला व्यावसायिक इमारत में सोमवार दोपहर 2 बजे आग लगी थी। इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप, दूसरी और तीसरी मंजिल पर एनिमेशन सेंटर चल रहा था। दोपहर को एनिमेशन सेंटर में आग लगी, जो नीचे तक फैल गई। घटना के समय सेंटर में 30 बच्चे थे, जिसमें 10 बिजली के तार के सहारे नीचे उतर गए, जबकि 15 की मौत हो गई। अधिकतर की दम घुटने से मौत हुई है।
मृतकों में सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुक्षा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज शाह, शाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमल्या शामिल हैं। इन सभी की उम्र 18 से 24 साल बताई जा रही है। हादसे में करीब 9 लोग घायल हुए हैं।








