वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी दिग्गज एक्सेंचर द्वारा चालू वित्त वर्ष के लिए अपने राजस्व वृद्धि अनुमान में कटौती करने के बाद भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई. इस नकारात्मक खबर से आईटी कंपनियों के शेयरों में चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई, जिससे पिछले पांच सत्रों से जारी बाजार की तेजी पर विराम लग गया.
सुबह के शुरुआती कारोबार में मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 786.58 अंक या 1.02 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 76,624.90 के स्तर पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 210.95 अंक टूटकर 23,959.80 पर आ गया, जिससे यह 24,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया. बाजार की इस अचानक आई गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति में लगभग ?3 लाख करोड़ की कमी आई है.
इस गिरावट की मुख्य धुरी बीएसई आईटी इंडेक्स रहा, जो शुरुआती सत्र में 5.38 प्रतिशत तक लुढक़ गया. एक्सेंचर के कमजोर दृष्टिकोण के कारण रातभर में अमेरिकी बाजारों में भारतीय आईटी कंपनियों के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा.
आईटी सेक्टर के अलावा, बैंकिंग और कमोडिटी क्षेत्र के दिग्गजों जैसे एचडीएफसी बैंक और टाटा स्टील में भी मुनाफावसूली का दबाव देखा गया, जिसने सूचकांकों को और नीचे धकेल दिया.
इस भारी गिरावट के बीच कुछ गैर-आईटी और डिफेंसिव शेयरों में निवेशकों की खरीदारी जारी रही. बिजली, दूरसंचार और कंज्यूमर सेक्टर्स को सहारा मिला. बाजार के प्रमुख बढऩे वाले शेयरों में एनटीपीसी, भारती एयरटेल, ट्रेंट और पावर ग्रिड शामिल रहे, जो हरे निशान में कारोबार कर रहे थे.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, “एक्सेंचर द्वारा राजस्व गाइडेंस में की गई कटौती ने भारतीय आईटी दिग्गजों के एडीआर में बिकवाली को ट्रिगर किया है. यही कारण है कि आज सुबह आईटी शेयरों पर जबरदस्त दबाव देखने को मिल रहा है.”








