भोपाल, (ए.)। मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अब 21 से 23 जून के बीच होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से ठहरा हुआ है। इसकी वजह से मध्य प्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहीं। सीधी जिले में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई। बैतूल, रीवा और सतना में आधा इंच से अधिक वर्षा हुई। वहीं रायसेन, छिंदवाड़ा, ग्वालियर और सागर सहित कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर चला। बारिश और बादलों के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई। शिवपुरी में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पचमढ़ी में 35.4, सिवनी में 36.4 और बैतूल में 36.5 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म रहे, जहां तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल का तापमान 37 डिग्री, इंदौर 37.3 डिग्री, उज्जैन 38.5 डिग्री, ग्वालियर 39.5 डिग्री और जबलपुर 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सामान्य तिथि 15 जून, इस बार एक सप्ताह की देरी
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून है। पिछले 10 वर्षों में वर्ष 2021 में मानसून सबसे पहले 9 जून को पहुंचा था, जबकि वर्ष 2018 में सबसे देर से 25 जून को दस्तक दी थी। पिछले वर्ष 16 जून को मानसून प्रदेश में प्रवेश कर गया था और सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज हुई थी। इस वर्ष मानसून करीब एक सप्ताह देरी से आने की संभावना है। इसका असर जून के बारिश के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। 1 से 16 जून के बीच प्रदेश में सामान्य से 35 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश की स्थिति अधिक चिंताजनक है, जहां सामान्य वर्षा का आधा पानी भी नहीं गिरा।मौसम विभाग के अनुसार अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, रीवा, सागर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, ग्वालियर, इंदौर, झाबुआ, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, विदिशा सहित 35 से अधिक जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।








