
सडक़ की उचित मरम्मत नहीं किए जाने से पहली ही बारिश में हालात बदतर
भोपाल (निर्भय मीणा)।
विकास कार्यों के नाम पर की गई लापरवाही का खामियाजा इन दिनों नीलबड़ स्थित शिव विहार कॉलोनी के सैकड़ों परिवार भुगत रहे हैं। क्षेत्र में बिछाई गई सीवेज लाइन के बाद सडक़ की उचित मरम्मत नहीं किए जाने से पहली ही बारिश में हालात बदतर हो गए हैं। सडक़ कई स्थानों पर धंस गई है, जिससे कॉलोनी के रहवासियों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार सीवेज पाइप लाइन डालने के लिए सडक़ की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन कार्य पूर्ण होने के बाद न तो गड्ढों को तकनीकी मानकों के अनुसार भरा गया और न ही सडक़ का पुनर्निर्माण किया गया। नतीजा यह है कि हल्की बारिश होते ही पूरी सडक़ कीचड़ में तब्दील हो जाती है और जगह-जगह फिसलन के कारण दुर्घटनाओं का खतरा मंडराने लगता है। रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी पहले से ही पक्की सडक़ जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। अब सीवेज कार्य के बाद हालात इतने खराब हो चुके हैं कि दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर पैदल चलना भी चुनौती बन गया है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि संबंधित विभाग ने कार्य तो पूरा दिखा दिया, लेकिन सडक़ की बहाली और गुणवत्ता की जिम्मेदारी निभाना जरूरी नहीं समझा। पहली ही बारिश ने कार्य की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। यदि यही स्थिति रही तो मानसून के चरम पर पहुंचने के बाद कॉलोनी का संपर्क प्रभावित हो सकता है। रहवासियों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से मांग की है कि तत्काल निरीक्षण कर सडक़ की मरम्मत, धंसे हुए हिस्सों का पुनर्निर्माण और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए होते हैं, लेकिन यदि वही कार्य लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाएं तो ऐसे विकास पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग शिव विहार कॉलोनी के रहवासियों की इस पीड़ा को कब तक सुनता है, या फिर बारिश का हर मौसम यहां के लोगों के लिए परेशानी और जोखिम लेकर आता रहेगा।








