सोना हुआ और भी महंगा, जबकि चांदी की कीमतों में आई गिरावट

Join Us

वैश्विक आर्थिक संकेतों और भू-राजनीतिक मोर्चे पर मिली बड़ी राहत के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है. आज यानी 17 जून 2026 को सुबह 11:00 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के प्रमुख महानगरों में सोने की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई है, जबकि चांदी के भाव में हल्की गिरावट देखी जा रही है.
घरेलू बाजार में आज 24 कैरेट सोने की औसत कीमत ?1,52,000 से ?1,53,000 प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई है. देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ?1,52,140 और 22 कैरेट का भाव ?1,39,462 प्रति 10 द्दह्म्ड्डद्व दर्ज किया गया. वहीं, मुंबई में 24 कैरेट सोना ?1,52,420 पर कारोबार कर रहा है. दक्षिण भारत के शहरों में कीमतें थोड़ी उच्च स्तर पर हैं; चेन्नई में 24 कैरेट सोने का भाव ?1,52,930 और थिरुवनंतपुरम में ?1,52,880 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है. इसके अलावा हैदराबाद में यह ?1,52,640 और बेंगलुरु में ?1,52,520 पर ट्रेंड कर रहा है.
सोने की चमक जहां बरकरार है, वहीं चांदी की कीमतों में आज 0.54त्न की मामूली गिरावट देखी गई है. वायदा बाजार में चांदी का भाव ?2,50,105 पर सेटल होने के बाद, वर्तमान में हाजिर बाजार में चांदी ?2,49,360 प्रति किलोग्राम पर आ गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी मौद्रिक नीति फैसले से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे चांदी में कुछ मुनाफावसूली देखी जा रही है.
सर्राफा बाजार के जानकारों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी न करने के संकेतों से सोने को मजबूत सपोर्ट मिला है. इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक अंतरिम शांति समझौते ने बाजार की धारणा को काफी सुधारा है. इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा सामान्य जहाजों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है.
इस रणनीतिक जलमार्ग के खुलने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा और तेल बाजार में आपूर्ति का संकट टल गया है. इसके परिणामस्वरूप, ऊर्जा संकट से पैदा होने वाली वैश्विक महंगाई का डर काफी कम हो गया है. महंगाई का दबाव घटने से केंद्रीय बैंकों द्वारा सख्त आर्थिक नीतियां लागू करने की संभावना कम हुई है, जिसने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ आकर्षित किया है. आने वाले दिनों में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में शांति प्रक्रिया और मजबूत होती है, तो कीमती धातुओं की कीमतों में और अधिक स्थिरता देखने को मिल सकती है.

Previous articleबाजार की दमदार शुरुआत, 284 अंक उछला सेंसेक्स; निफ्टी भी 24,000 के पार
Next articleभारत में एक हफ्ते के बैन पर भडक़ा टेलीग्राम, सरकार के एक्शन को बताया पूरी तरह गलत