अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की जिन शर्तों पर सहमति बनी है, उस पर दोनों पक्षों के डिजिटल हस्ताक्षर हो गए हैं। यह खुलासा अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया। उन्होंने कहा कि समझौता ज्ञापन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उन्होंने और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने डिजिटल हस्ताक्षर किए हैं। अब 19 जून शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में एक आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह होगा, जिसमें उच्च पदस्थ अमेरिकी और ईरानी अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
जिनेवा में होने वाले कार्यक्रम में अमेरिका की ओर से वेंस शामिल होंगे। अभी तक ट्रंप के कार्यक्रम में उपस्थित होने की जानकारी सामने नहीं आई है। ट्रंप ने पहले कहा था कि समझौते का पाठ जल्द ही सामने आ जाएगा, लेकिन अब कहा जा रहा है कि इसे जिनेवा में हस्ताक्षर होने के बाद जारी किया जाएगा। ईरान की ओर से एमबी गलिबाफ अमेरिका के साथ शांति समझौते के प्रमुख वार्ताकार बनाए गए हैं।
वेंस ने प्रारंभिक समझौते पर कहा, ईरानियों को तब तक एक पैसा भी नहीं मिलेगा जब तक वे सुधर नहीं जाते और अपना व्यवहार नहीं बदलते। ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। उन्हें अमेरिकी करदाताओं का एक पैसा भी नहीं मिलेगा। कभी नहीं। बिल्कुल नहीं। वेंस ने कहा कि प्रतिबंधों में ढील देने और उन्हें विश्व अर्थव्यवस्था में वापस लाने से अमेरिका को बहुत आर्थिक लाभ होगा, यह अमेरिकी पैसा नहीं है।








