नर्मदापुरम/ सीईओ रंजीसुरक्षा सुनिश्चित त ताराम ने बताया कि जनपद पंचायत नर्मदापुरम अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में संभावित बाढ़ एवं अतिवृष्टि की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जन-धन की करने हेतु पूर्व तैयारी संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई। ग्राम पंचायतों को आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, जोखिमग्रस्त क्षेत्रों की पहचान तथा राहत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ सुनिश्चित की जा रही हैं।
समीक्षा के दौरान बाढ़ संभावित ग्रामों, निचले इलाकों, नदी-नालों के किनारे स्थित संवेदनशील क्षेत्रों तथा जलभराव वाले मार्गों एवं पुलियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही राहत केन्द्रों एवं अस्थायी आश्रय स्थलों का चयन कर उनके प्रभारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नामावली अद्यतन की गई है। ग्राम स्तर पर टॉर्च, रस्सा, बाँस, बड़े प्लास्टिक/तिरपाल, प्राथमिक उपचार सामग्री सहित अन्य आवश्यक बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की गई है।
प्रशासन द्वारा संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग एवं “प्रवेश निषेध” टेप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त जलस्तर बढ़ने की स्थिति में त्वरित सूचना प्रसारण, मुनादी एवं स्थानीय संचार तंत्र को सक्रिय बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया है। आवश्यक होने पर सुरक्षित निकासी मार्गों की पहचान एवं प्राथमिक राहत प्रबंधन की कार्ययोजना भी तैयार की गई है।
सभी सरपंच, सचिव, एडीईओ, पीसीओ एवं क्लस्टर प्रभारियों को नियमित निगरानी रखने, फोटो एवं वीडियो प्रलेखन करने तथा समय-समय पर स्थिति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जनहित में प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि तेज वर्षा, जलभराव अथवा नदी-नालों में जलस्तर वृद्धि की स्थिति में अनावश्यक आवागमन से बचें तथा प्रशासन एवं ग्राम पंचायत द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। नागरिकों से बच्चों एवं पशुओं को संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय ग्राम पंचायत अथवा प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष को देने का आग्रह किया गया है।







