धार में राज्य सरकार बनायेगी भव्य सरस्वती लोक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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धार/भोपाल (ए.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार स्थित भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य सरस्वती लोक बनायेगी, यहॉ राजा भोज संस्थान की स्थापना भी की जायेगी। ऐतिहासिक भोजशाला पर माननीय उच्च न्यायालय ने जो निर्णय दिया है, राज्य सरकार इस न्यायिक आदेश का अक्षरश: पालन कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोजपाल द्वारा स्थापित यह भोजशाला सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रहा है। यह हमारी प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा का अटूट प्रतीक है। यहाँ दूर-दूर से छात्र और विद्वान ज्ञान अर्जित करने और शास्त्रों पर विमर्श करने आते थे। राज्य सरकार भोजशाला के उसी गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए सभी जरूरी प्रयास करेगी। राजा भोज की इस पुण्य धरा (धार) में अब चहुंमुखी विकास की नई धारा बहेगी। धार के आसपास पुरात्व विभाग से समन्वय कर सभी प्रकार के विकास कार्य किए जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोज जल संरक्षण के अग्रदूत थे। उनके द्वारा निर्मित विशाल जलाशय, तालाब और जल प्रबंधन की व्यवस्थाएं आज भी उनकी अद्भुत दूरदर्शिता एवं जल नियोजन का प्रमाण हैं। धार को किसी समय तालाबों की नगरी कहा जाता था। राजा भोज ने इस शहर में जलापूर्ति के लिए यहां साढ़े बारह तालाबों का निर्माण कराया गया था और इन्हें आपस में इस तरह से जोड़ा गया था कि एक तालाब भरने पर उसका अतिरिक्त पानी दूसरे तालाब में स्वत: चला जाता था। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान से प्रदेश में जल संवर्धन की नई क्रांति आएगी। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में खण्डवा, बड़वानी, अशोकनगर, राजगढ़ और डिंडौरी के बाद धार जिला छठवें स्थान पर है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में जल संरक्षण के 5 हजार से अधिक काम पूर्ण किये गये है, इसी तरह धार नगरपालिका क्षेत्र में 64 प्राचीन बावडिय़ों एवं तालाबों का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को धार में जल गंगा संवर्धन अभियान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गंगा दशहरा पर सोमवार को प्रदेशव्यापी जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मां वाग्देवी के सम्मान में धार में भव्य सरस्वती लोक बनायें जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राजा भोज की कर्मस्थली है, इसीलिए धार में राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना की जायेगी। भोपाल में भी राजा भोज का संग्रहालय बनाया जा रहा है। इस अवसर पर केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, नगरीय विकास व आवास एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा धार जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, धार की विधायिका श्रीमती नीनाविक्रम वर्मा, विधायक कालू सिंह ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 88.04 करोड़ रुपये की लागत वाले 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन कर जिलेवासियों को सौगात दी।
इसमें 27.21 करोड़ रुपये की लागत से चंबल नदी पर लेबड़-घाटाविल्लौद मार्ग पर फोरलेन उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी शामिल है।

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