स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को अंक तालिका में टॉप पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. कोहली के ही शतक की बदौलत आरसीबी ने केकेआर के खिलाफ 193 रनों को 5 गेंद पहले ही आसानी से चेज कर लिया. इस जीत के साथ आरसीबी के कुल 16 पॉइंट्स हो गए हैं और वो अंक तालिका में टॉप पर पहुंच गया है. जिसकी वजह से उनके प्लेऑफ में पहुंचने के चांस सबसे ज्यादा हैं
कोहली ने 60 गेंदों में 105 रनों की पारी खेली. जिसमें 11 चौके और 3 छक्के शामिल थे. इस शानदार प्रदर्शन की वजह से उन्हें प्लेयर ऑफ दि मैच का अवॉर्ड भी दिया गया. जिसके साथ वो आईपीएल में सबसे ज्यादा 21 बार ये अवॉर्ड जीतने वाले रोहित शर्मा की बराबरी कर ली. इसके अलावा ये कोहली का आईपीएल में 9वां शतक था.
खास बात ये हैं कि इस दमदार पारी से पहले विराट कोहली लगातार दो बार शून्य पर आउट हो चुके थे. इसलिए इस मैच में सारी निगाहें कोहली की ही तरफ थीं. लेकिन दबाव में ही कोहली सबसे अच्छा खेलते हैं, ये तो हर किसी को मालूम है.
मैच के बाद कोहली ने कहा कि प्रदर्शन के दबाव को लेकर बैचेनी उन्हें भी होती है और आईपीएल में पिछले दो मैचों में शून्य पर आउट होने से वह नर्वस हो गए थे. कोहली ने कहा, पिछले दो मैचों में रन नहीं बना पाने से मैं काफी बेचैन था. मुझे पता था कि मैं अच्छा खेल सकता हूं और रन बना सकता हूं.
उन्होंने कहा, ऐसे में जब आप रन नहीं बना सके और टीम के लिये योगदान नहीं दे सके तो बेचैनी होती है. मेरा हमेशा से लक्ष्य टीम के लिये योगदान देने का रहा है. मैं लगातार बेहतर प्रदर्शन की कोशिश करता हूं ताकि अपना सर्वश्रेष्ठ टीम को देकर छाप छोड़ सकूं.
उन्होंने आगे कहा, शतक जमाने के बाद जश्न बड़ा नहीं था क्योंकि हमें अंकों की अहमियत पता है. हम सभी टीम के लिए खेलने का प्रयास करते हैं. इसलिये कहते हैं कि दबाव अच्छा रहता है क्योंकि इससे आपको अपना खेल निखारने में मदद मिलती है. दो मैचों में अच्छा नहीं खेल पाने से नर्वस था जिससे अच्छे प्रदर्शन में मदद मिली. इसलिये नाकामियां भी जरूरी है जो और बेहतर करने के लिये प्रेरित करती हैं.Ó








