तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सत्ता की कमान संभालते ही ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। अपने प्रशासन को ‘आम लोगों की सरकारÓ बताने वाले सीएम विजय ने राज्य की महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों और आम जनता को राहत देते हुए कई बड़े ऐलान किए हैं।
महिलाओं के खातों में जल्द खनकेगी 1000 रुपये की किस्त
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने निर्देश दिया है कि ‘कलैंग्नार मगलीर उरिमाई थोगईÓ योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को मई महीने की 1,000 रुपये की किस्त जल्द ही सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। दरअसल, 23 अप्रैल को हुए चुनावों से पहले विजय की पार्टी टीवीके (ञ्जङ्क्य) ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में 60 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं के लिए 2,500 रुपये की मासिक सहायता का बड़ा वादा किया था। सरकार का कहना है कि इस नई योजना को पुनर्गठित और लागू करने के लिए अभी कुछ समय चाहिए, इसलिए फिलहाल पुरानी योजना के तहत ही महिलाओं को 1,000 रुपये की राशि दी जा रही है।
स्कूल-कॉलेजों और मंदिरों के पास बंद होंगी 717 शराब की दुकानें
राजस्व के बड़े स्रोत होने के बावजूद मुख्यमंत्री विजय ने शराब की दुकानों को लेकर एक बेहद सख्त कदम उठाया है। उन्होंने राज्य में नियमों का उल्लंघन कर चल रहीं 717 शराब की दुकानों (ञ्ज्रस्रू्रष्ट) को महज दो सप्ताह के अंदर बंद करने का कड़ा आदेश जारी किया है। सरकार द्वारा कराए गए एक सर्वे में यह बात सामने आई थी कि ये दुकानें पूजा स्थलों, स्कूलों, कॉलेजों और बस स्टैंडों के 500 मीटर के निर्धारित दायरे का उल्लंघन कर रही थीं। बंद होने वाली इन दुकानों में से 276 पूजा स्थलों के पास, 186 शिक्षण संस्थानों के पास और 255 बस स्टैंडों के पास स्थित हैं।
सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, महंगाई भत्ते में 2त्न का इजाफा
महिलाओं और आम जनता के साथ-साथ तमिलनाडु सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों को भी एक बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने इनके महंगाई भत्ते (ष्ठ्र) में 2 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद अब कर्मचारियों का डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है, जिसे 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। इस बढ़ोतरी से राज्य सरकार के खजाने पर सालाना 1,230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, लेकिन मुख्यमंत्री विजय ने साफ किया है कि उनकी सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और आवश्यक फंड का उचित प्रबंधन कर लिया जाएगा।








