नई दिल्ली (ए.)। ईरान युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ओमान के समुद्री तट (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के पास एक भीषण ड्रोन हमले में भारत का मालवाहक जहाज ‘हाजी अली’ पूरी तरह से जलकर समुद्र में डूब गया है। राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी 14 भारतीय क्रू सदस्यों को ओमान कोस्ट गार्ड की तत्परता से सुरक्षित बचा लिया गया है। भारत के विदेश मंत्रालय (रूश्व्र) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे पूरी तरह से ‘अस्वीकार्य’ बताया है।
जोरदार धमाके से लगी आग और समंदर में समा गया जहाज
जानकारी के अनुसार, गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले का यह मालवाहक जहाज ‘हाजी अली’ (रूस्ङ्क ॥्रछ्वढ्ढ ्ररुढ्ढ क्चष्ठढ्ढ 1492) बुधवार, 13 मई की तडक़े लगभग 3:30 बजे सोमालिया के बरबरा से शारजाह की ओर जा रहा था। जब यह जहाज ओमान में लिमाह के पास से गुजर रहा था, तभी एक मिसाइल या ड्रोन जोरदार धमाके के साथ जहाज से टकरा गया। हमले के तुरंत बाद जहाज में भयंकर आग लग गई और वह समुद्र में डूबने लगा। खतरे को भांपते हुए जहाज पर सवार सभी 14 नाविकों ने तुरंत सिग्नल का इस्तेमाल किया और लाइफबोट्स के सहारे अपनी जान बचाई। ओमान कोस्ट गार्ड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी को सुरक्षित निकाल लिया और उन्हें ओमान के दीबा बंदरगाह पहुंचा दिया है। जहाज के मालिक सुल्तान अहमद संघार ने भी नाविकों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है। अब ओमान पुलिस यह जांच कर रही है कि यह हमला आखिर किसने किया।
भारत का सख्त रुख, विदेश मंत्रालय ने कहा- ‘यह कतई बर्दाश्त नहीं’
लगातार हो रहे इन हमलों पर भारत ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर तीखी आपत्ति जताते हुए कहा है कि ओमान के तट के पास भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुआ यह हमला बिल्कुल अस्वीकार्य है। मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना और बेगुनाह नागरिक नाविकों की जान खतरे में डालना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने भारतीय क्रू सदस्यों की रक्षा करने के लिए ओमानी अधिकारियों का धन्यवाद भी किया है। भारत ने एक बार फिर दुनिया को दो टूक लहजे में याद दिलाया है कि व्यापारिक जहाजों पर हमले करने और नौवहन व व्यापार की स्वतंत्रता में किसी भी तरह की बाधा डालने से हर हाल में बचा जाना चाहिए।








