नई दिल्ली (ए.)। पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आरोप लगाया है कि भाजपा समर्थकों ने ‘परिबर्तन’ (बदलाव) के नाम पर कई जगहों पर हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया। कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके के पास दुकानों में तोडफ़ोड़ और टीएमसी के दफ्तर पर हमले की खबरें सामने आई हैं।
टीएमसी का कहना है कि भाजपा जिन वादों के साथ सत्ता में आई थी, उसके विपरीत राज्य में डर और हिंसा का माहौल बन रहा है। पार्टी ने इन घटनाओं को जीत का जश्न नहीं, बल्कि ‘आतंक’ करार दिया है। विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे हालात बिगड़ गए। पार्टी ने सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी और अमित शाह की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को खुली छूट मिल गई है, जिसके कारण वे सडक़ों पर हिंसा कर रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटनाओं के बाद राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। विपक्ष का कहना है कि स्थिति और गंभीर हो सकती है, जहां फिलहाल दुकानों को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं आगे आम लोगों और राजनीतिक विरोधियों पर खतरा बढ़ सकता है।
टीएमसी ने किया विरोध का ऐलान
तृणमूल कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस तरह की घटनाओं का डटकर सामना करेगी और किसी भी दबाव में नहीं आएगी। पार्टी ने इसे ‘राज्य प्रायोजित हिंसा’ बताते हुए विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार, जगतबल्लवपुर में टीएमसी के एक दफ्तर में आगजनी की घटना भी सामने आई है, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है।
पुलिस पर हमला, सुरक्षा बढ़ाई गई
उत्तर 24 परगना जिले के सरबेरिया-आगरहाटी ग्राम पंचायत के बामनघेरी इलाके में भी तनाव बना हुआ है। रात के समय गश्त कर रही पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।








