जयपुर (आरएनएस)। राजस्थान की राजधानी जयपुर में ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑपरेशन को भारत की नई सैन्य रणनीति और संयुक्त युद्ध क्षमता का प्रतीक बताया. लेफ्टिनेंट जनरल डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रैटेजी) राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को दुनिया में गोल्ड स्टैंडर्ड माना गया. उन्होंने बताया कि बीएसएफ समेत तीनों सेनाओं ने मिलकर यह अभियान चलाया, जिसमें थल, वायु और समुद्री ताकत का संयुक्त इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कुल नौ सटीक स्ट्राइक कीं, जिनमें सात हमले सेना और दो एयरफोर्स ने किए. रियल टाइम इंटेलिजेंस, साझा ऑपरेशन सिस्टम और मल्टी एजेंसी तालमेल की बदौलत आतंक ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया. सेना के मुताबिक भारत ने तय लक्ष्य हासिल कर युद्ध को लंबा नहीं खींचा और दुश्मन के कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम को प्रभावी रूप से ध्वस्त किया. लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने 13 पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट और 11 बेस किए तबाह किए।
उन्होने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की सैन्य आत्मनिर्भरता को दुनिया के सामने साबित किया. स्वदेशी ब्रह्मोस, आकाश और अन्य मिसाइल सिस्टम ने अभियान में बड़ी भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि अब देश के 65 प्रतिशत रक्षा उपकरण भारत में ही तैयार हो रहे हैं.
राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने कई आतंकी लॉन्च पैड तबाह किए, जिसके बाद अब आतंकी कैम्प काफी अंदर शिफ्ट हो गए हैं, जिस तरह का डैमेज हमने पाकिस्तान को किया उसका सबूत और वीडियो के साथ हम सामने लेकर आए, लेकिन पाकिस्तान के पास इस तरह के कोई सबूत नहीं है, पाकिस्तान सिर्फ नरेटिव सेट करने में लगा हुआ था.
डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन सिंदूर को 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का निर्णायक जवाब बताया. उन्होंने कहा कि शांति को कमजोरी समझने वालों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि भारत अब हर आतंकी हरकत का सटीक और कठोर जवाब देगा. उन्होंने बताया कि 7 मई 2025 की पहली स्ट्राइक भारत के संकल्प का प्रतीक थी, जिसमें पीओके और पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया.
एयर मार्शल भारती ने पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान भारत को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान फेक नैरेटिव बनाकर जीत का भ्रम फैलाने की कोशिश करता है, लेकिन पूरी दुनिया ने देखा कि भारत ने आतंकी ठिकानों को तबाह किया और पाकिस्तान के 13 लड़ाकू विमान गिराए. उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन की सफलता के पीछे देश की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति थी.
भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल ए. एन. प्रमोद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की नई सैन्य नीति और मजबूत प्रतिरोध क्षमता का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि पुलवामा हमले के बाद ही नौसेना युद्ध तैयारी मोड में आ गई थी और उत्तरी अरब सागर में एयरक्राफ्ट कैरियर तथा युद्धपोत तैनात किए गए थे. स्वदेशी युद्धपोतों, पनडुब्बियों और स्पेशल फोर्स ने अभियान में अहम भूमिका निभाई.
वाइस एडमिरल ए. एन. प्रमोद ने कहा कि समुद्र में भारत की बढ़त से पाकिस्तान रक्षात्मक मुद्रा में आ गया और उस पर आर्थिक दबाव भी बना. लंबी दूरी के हथियारों और ड्रोन तकनीक ने पाकिस्तान की परमाणु धमकी को बेअसर किया. उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो तीनों सेनाएं हर तरह की युद्ध परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ज़ुबिन ए. मिनवाला ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की मल्टी डोमेन युद्ध क्षमता को साबित किया. साइबर, स्पेस और सूचना क्षेत्र में भी संयुक्त रणनीति अपनाई गई. उन्होंने बताया कि आईएसीसीएस, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मल्टी सेंसर नेटवर्क के जरिए रियल टाइम निगरानी और तेज फैसले संभव हुए.
उन्होंने कहा कि सीडीएस पद की स्थापना और रक्षा सुधारों ने तीनों सेनाओं के बीच जॉइंटनेस को मजबूत किया है. नई ट्राई सर्विस डॉक्ट्रिन, विजन 2047, जॉइंट लॉजिस्टिक सिस्टम और मल्टी डोमेन ऑपरेशन क्षमता पर तेजी से काम किया जा रहा है. इसरो, डीआरडीओ, एनटीआरओ और अन्य खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय भी लगातार मजबूत किया जा रहा है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना के अधिकारियों ने साफ कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा और देश की संप्रभुता तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा.








