अशोक गहलोत ने बंगाल चुनाव नतीजों को बताया लोकतंत्र के खिलाफ अपराध, कार्यकर्ताओं से की एकजुट होने की अपील

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जयपुर (ए.)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने सोमवार को देश के मौजूदा राजनीतिक हालात और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। गहलोत ने जहाँ बंगाल के परिणामों को निराशाजनक और सत्ता का दुरुपयोग बताया, वहीं केरल में यूडीएफ की जीत को धर्मनिरपेक्षता की जीत करार दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि देश एक निर्णायक मोड़ पर है जहाँ लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी कांग्रेस के कंधों पर है। गहलोत ने कहा, ‘‘हम सब लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। देश को कांग्रेस की जरूरत है और केवल कांग्रेस ही लोकतंत्र की रक्षा कर सकती है।’’ उन्होंने कार्यकर्ताओं से दृढ़ संकल्प के साथ काम करने का आह्वान किया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा देश निराश है। गहलोत ने कहा, ‘‘राहुल गांधी जी ने सही कहा है कि टीएमसी सरकार के खिलाफ आरोप और उसकी कमियों ने भाजपा को अवसर दिया। भाजपा ने अब सत्ता पर कब्जा कर लिया है।’’ उन्होंने चुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगाया। गहलोत ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में जो हुआ वह अभूतपूर्व और निंदनीय है। सडक़ों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के बख्तरबंद वाहन तैनात किए गए, मतदाताओं को डराया गया, खुलेआम पैसे बांटे गए और लाखों वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। उन्होंने कहा, ‘‘लाखों लोग अपने ही जन्मस्थान पर वोट नहीं डाल पाए। लोकतंत्र के खिलाफ इससे बड़ा अपराध और क्या हो सकता है?’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि यह परिणाम सत्ता के दुरुपयोग से हासिल की गई जीत है। उन्होंने केरल के मतदाताओं को यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की जीत पर बधाई दी और इसे धर्मनिरपेक्ष विचारधारा और जनकल्याणकारी नीतियों का जनादेश बताया। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में सुशासन प्रदान करेगी।

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