शेयर मार्किट में भारी गिरावट से सहमे निवेशक, 4 लाख करोड़ हुए स्वाहा

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आने से वैश्विक बाजारों में गिरावट के चलते गुरुवार को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। यह इस हफ्ते का दूसरा कारोबारी सत्र है जब घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 582.86 अंकों यानी 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,913.50 पर ट्रेड करते नजर आया, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 180.10 (0.74 प्रतिशत) अंक गिरकर 23,997.55 पर पहुंच गया। दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,014.21 पर खुलकर 77,254.33 का इंट्रा-डे हाई और 76,258.86 का इंट्रा-डे लो बनाया। वहीं निफ्टी50 23,996.95 पर खुलकर 24,087.45 का इंट्रा-डे हाई और 23,796.85 का इंट्रा-डे लो बनाया। इस दौरान व्यापक बाजारों में भी मंदी का रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.98 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों की दौलत में 4.79 लाख करोड़ की कमी
एक कारोबारी दिन पहले यानी 29 अप्रैल 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप 4,68,24,264.807 करोड़ था। आज यानी 27 अप्रैल 2026 को इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने पर यह 4,63,44,707.30 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी 4,79,557.507 करोड़ कम हो गई है।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी (0.37 प्रतिशत की बढ़त) और निफ्टी फार्मा (0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त) को छोडक़र तकरीबन सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। निफ्टी मेटल में 2.12 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.68 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.50 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 1.35 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 पैक में 15 शेयरों में तेजी देखने को मिली और 34 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि एक शेयर में कोई बदलाव नहीं हुआ। बजाज-ऑटो के शेयरों में सबसे ज्यादा 5.19 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही सन फार्मा, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, मारुति और कोटक बैंक के शेयरों में भी उछाल देखने को मिली। जबकि टीएमपीवी, इटरनल, हिंडाल्को, एचयूएल, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, श्रीराम फाइनेंस और ट्रेंट के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। खबरों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी को और तेज करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया।

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