पश्चिमी रोल्पा जिले की थवांग ग्रामीण नगरपालिका में एक जीप दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 20 तक पहुंच गई है। रोल्पा के जिला प्रशासन कार्यालय ने यह जानकारी दी। 22 यात्रियों को ले जा रही एक जीप सडक़ से 700 मीटर नीचे गिर गई, जिससे उसमें सवार अधिकांश लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। रोल्पा के मुख्य जिला अधिकारी गंगा बहादुर छेत्री ने बताया कि अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो लोगों का इलाज एक स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। छेत्री ने आगे कहा कि हादसे की सही वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है।
यह घटना गुरुवार शाम को हुई, जब इलाके में बारिश के दौरान एक जीप कीचड़ भरी सडक़ से फिसल गई। पुलिस के अनुसार, इस निजी जीप को स्थानीय लोगों ने किराए पर लिया था, जो शुक्रवार को जिले के जलजला इलाके में बैसाख पूर्णिमा उत्सव में शामिल होने जा रहे थे। हाल के वर्षों में नेपाल में सडक़ हादसों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। साथ ही, सडक़ों पर चलने वाले वाहनों की संख्या भी बढ़ी है।
एक दशक पहले, नेपाल ट्रैफिक पुलिस ने 4,999 सडक़ दुर्घटनाओं की रिपोर्ट की थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में देश में 7,669 सडक़ दुर्घटनाएं और 190 मौतें दर्ज की गईं। कुल दुर्घटनाओं में से 278 को गंभीर श्रेणी में रखा गया था।
जान-माल के नुकसान के अलावा, सडक़ सुरक्षा का आर्थिक प्रभाव भी काफी अधिक होता है। नेपाल में विश्व बैंक के एक अध्ययन में पाया गया कि सडक़ यातायात से होने वाली चोटों की आर्थिक लागत 2007 के बाद से तीन गुना बढ़ गई है और अब यह देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद का 1.5 प्रतिशत है।
विश्व बैंक ने कहा कि नेपाल में सडक़ दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले 70 प्रतिशत से अधिक लोग सडक़ पर चलने वाले ऐसे लोग हैं जो आसानी से दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं, जैसे पैदल चलने वाले, साइकिल चलाने वाले और मोटरसाइकिल चलाने वाले।








