वैदिक संस्कारों के बीच खिले मासूम चेहरे

Join Us

कर भला सो हो भला टीम ने गुरुकुल के बच्चों संग मनाई होली

इटारसी। परोपकार और सेवा के संकल्प के साथ निरंतर सक्रिय रहने वाली संस्था श्कर भला सो हो भला्य की टीम ने इस बार होली का पर्व महर्षि दयानंद गुरुकुल आश्रमए जमानी के बच्चों के साथ साझा किया। संगठन के सदस्यों ने आश्रम पहुंचकर बच्चों को रंग.बिरंगी पिचकारियां भेंट कींए जिससे नन्हे बटुकों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

खुशियों की बौछार और कृतज्ञता

गुरुकुल के आचार्य सत्यप्रिय ने बताया कि जैसे ही बच्चों के हाथों में पिचकारियां आईंए उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। बच्चों ने उत्साहपूर्वक पानी की बौछार कर होली का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि संगठन के सदस्य समय.समय पर गुरुकुल की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ न कुछ मदद लेकर आते रहते हैंए जो इन बच्चों के लिए संबल का काम करता है।

जरूरतमंद बच्चों का सहारा बना संगठन

बता दें कि इस गुरुकुल में लगभग 40 बच्चे वैदिक पद्धति से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ये बच्चे अत्यंत जरूरतमंद परिवारों से आते हैं, जिनके लिए दानदाता ही उनके परिवार के समान हैं। वैदिक व शालेय शिक्षा रू यहां बच्चे प्राचीन वैदिक रीति के साथ.साथ आधुनिक स्कूली शिक्षा भी प्राप्त करते हैं।

परिजन जैसा स्नेह रू त्योहारों पर जब इन बच्चों के पास सीमित संसाधन होते हैं, तब कर भला सो हो भला जैसी संस्थाएं ही इनके परिजनों की कमी को पूरा करती हैं।

संगठन का मानना है कि इन बच्चों की मुस्कान ही हमारी असली उपलब्धि है। समाज के सहयोग से ही इन बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है।

उज्ज्वल भविष्य की कामना

गुरुकुल परिवार और बच्चों ने इस स्नेहपूर्ण उपहार के लिए आभार व्यक्त किया और सभी दानदाताओं के सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना की। यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणा है कि कैसे छोटे.छोटे प्रयासों से हम किसी के त्योहार को यादगार बना सकते हैं।

Previous articleलुंगी एनगिडी टी-20 अंतरराष्ट्रीय में दक्षिण अफ्रीका के लिए सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने
Next articleप्रधानमंत्री मोदी की इजरायल के पीएम नेतन्याहू से हुई बात, ईरान से चल रहे युद्ध को लेकर कही ये बात