विशाखापट्टनम (आरएनएस)। आंध्र प्रदेश एंटी-करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी खजाने में सेंध लगाने वाले एक बड़े मछली को जाल में फंसाया है। पंचायत राज विभाग के हाल ही में सेवानिवृत्त हुए सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर कल्लेपल्ली श्रीनिवासा राव के ठिकानों पर छापेमारी कर एसीबी ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का खुलासा किया है। राव का रसूख और भ्रष्टाचार का पैमाना इतना बड़ा था कि रिटायरमेंट के कुछ ही दिनों बाद उन पर यह गाज गिरी है। वह 31 दिसंबर 2025 को ही अपने पद से रिटायर हुए थे।
तीन शहरों में एक साथ एसीबी का धावा
एसीबी को श्रीनिवासा राव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी। इसी आधार पर जांच एजेंसी ने विशाखापट्टनम, सालुरु और हैदराबाद में राव, उनके परिजनों और सहयोगियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी (मल्टी-लोकेशन रेड) की। 1990 से विभाग में कार्यरत राव पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आय के ज्ञात स्रोतों से कई गुना ज्यादा संपत्ति जमा कर ली थी। एसीबी की टीमों ने जब छापा मारा तो घर के अंदर का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए।
नकद, सोना और जमीनों के दस्तावेज देख उड़े होश
सर्च ऑपरेशन के दौरान एसीबी अधिकारियों को भारी मात्रा में नकदी और कीमती धातुओं का जखीरा मिला है। अधिकारियों ने मौके से 61.87 लाख रुपये की नकद राशि जब्त की है। इसके अलावा घर से लगभग 2.5 किलो सोना और 20.3 किलो चांदी बरामद हुई है, जिसकी बाजार में कीमत करोड़ों में है।
अचल संपत्ति के दस्तावेजों की जांच में तीन हाउस प्लॉट और दो महंगे आवासीय फ्लैट्स का पता चला है। इसके साथ ही सालुरु में राव की बेटी के नाम पर खरीदी गई 18.57 सेंट कृषि भूमि के कागजात भी मिले हैं। एसीबी को पांच बैंक लॉकर भी मिले हैं, जिन्हें अभी खोला जाना बाकी है।








