नई दिल्ली, (ए)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 को पेश किया। नौवीं बार बजट पेश करते हुए वह संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि, आयकर दाखिल करने में सहूलियत, 7 रेलवे प्रोजेक्ट और तीन नए आयुर्वेदिक एम्स का प्रस्ताव बजट भाषण में किया है।वित्त मंत्री लोकसभा में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर पहुंचीं जरूर, लेकिन साल 2026 होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं। इसके साथ ही बजट भाषण में कोई सीधा चुनावी ऐलान भी नहीं हुआ है।ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहले केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों की बात कही और देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया। इस तरह रक्षा बजट में कुल 15.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। रक्षा बजट की खास बात ये है कि हथियार खरीदी और सेना के आधुनिकीकरण पर पिछले साल के 1.80 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार 2.19 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये पूंजीगत खर्च में सीधे 22 फीसदी की बढ़ोतरी है।केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा, “मरीजों, खासकर कैंसर से पीडि़त लोगों को राहत देने के लिए मैं 17 दवाओं पर बुनियादी सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं। सीतारमण ने कहा कि मैं दवाओं, मेडिसिन और खास मेडिकल मकसद के लिए इस्तेमाल होने वाले खाने के व्यक्तिगत आयात पर आयात शुल्क से छूट देने के मकसद से 7 और दुर्लभ बीमारियों को जोडऩे का भी प्रस्ताव करती हूं। ” सीतारमण ने कहा, “मैं एक खास वन-टाइम उपाय के तौर पर विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में योग्य विनिर्माण इकाइयां को घरेलू टैरिफ एरिया में रियायती ड्यूटी दरों पर बिक्री करने की सुविधा देने का प्रस्ताव करती हूं। वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसी बिक्री की मात्रा उनके निर्यात के एक तय अनुपात तक सीमित होगी।”वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लोकसभा में पेश करते हुए अपने बजट भाषण में कहा, “रक्षा क्षेत्र की यूनिट्स द्वारा मेंटेनेंस, रिपेयर या ओवरऑल जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट के पाट्र्स बनाने के लिए इंपोर्ट किए जाने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव है।” सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा, “मैं लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम, जिसे एलआरएस के नाम से जाना जाता है, के तहत शिक्षा और मेडिकल मकसद से टीसीएस दर को 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करने का प्रस्ताव करती हूं।” केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए सीतारमण ने कहा,”…सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मुकाबले कर्ज का अनुपात जीडीपी का 55.6 फीसदी रहने का अनुमान है।”सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “मैं बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर दी गई बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स तक बढ़ाने का प्रस्ताव करती हूं।
देश की आर्थिक स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, लगातार विकास और कम महंगाई से पहचान: सीतारमण
नई दिल्ली, (ए.)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने कहा, जब से हमने 12 साल पहले सत्ता संभाली है, देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, लगातार विकास और कम महंगाई से पहचानी गई है। ये उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का नतीजा है, जो हमने अनिश्चितता और मुश्किल समय में भी लिए हैं। सीतारमण ने कहा, आत्मनिर्भरता को अपना मार्गदर्शक मानते हुए, हमने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा बनाई है और जरूरी आयात पर निर्भरता कम की है। इसके साथ ही हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकार के हर काम से नागरिकों को फायदा हो। रोजग़ार पैदा करने, कृषि उत्पादकता, परिवारों की खरीदने की शक्ति और लोगों को यूनिवर्सल सर्विस देने के लिए सुधार किए गए हैं। इन उपायों से लगभग 7 फीसदी की हाई ग्रोथ रेट मिली है और हमें गरीबी कम करने और हमारे लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में काफी मदद मिली है। सीतारमण ने कहा, आर्थिक विकास को तेज़ करने और बनाए रखने के लिए मैं छह क्षेत्रों में सुधार करने का प्रस्ताव करती हूं, सात रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना; पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को फिर से पुनर्जीवित करना; चैंपियन एमएसएमई बनाना; इंफ्रा को बढ़ावा देना; लंबी अवधि की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना; शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास करना।
“वित्तमंत्री ने कहा, “आज हम एक ऐसे बाहरी माहौल का सामना कर रहे हैं जिसमें व्यापार और बहुपक्षवाद खतरे में हैं और संसाधनों और सप्लाई चेन तक पहुंच बाधित है। नई टेक्नोलॉजी प्रोडक्शन सिस्टम को बदल रही हैं, जबकि पानी, ऊर्जा और ज़रूरी खनिजों की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। भारत विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास से कदम बढ़ाता रहेगा, जिसमें महत्वाकांक्षा और समावेश को संतुलित किया जाएगा। बढ़ती अर्थव्यवस्था और बढ़ते व्यापार और पूंजी की ज़रूरतों के साथ, भारत को वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ा रहना चाहिए, ज़्यादा निर्यात करना चाहिए और स्थिर लंबे समय के निवेश को आकर्षित करना चाहिए।”
वित्त मंत्री ने कहा, “…हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करेंगे और टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स डेवलप करने के लिए इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी फोकस करेंगे।”
वित्त मंत्री सीतारमण ने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी दी।








