‘असम ही नहीं पूरे देश में बांग्लादेशी घुसपैठियों की करेंगे पहचान’, रैली में बोले गृह मंत्री शाह

Join Us

गुवाहाटी (ए.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को असम के एक दिन के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले असम के नगांव जिले में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान बटाद्रवा का उद्घाटन किया। बटाद्रवा को 227 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। इस दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा और राज्य के संस्कृति मंत्री बिमल बोरा मौजूद रहे।
वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थल के पुनर्विकास प्रोजेक्ट का किया उद्घाटन
गृह मंत्री ने असम दौरे की शुरुआत गुवाहाटी में ‘शहीद स्मारक क्षेत्र’ में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करके की। इसके बाद बटाद्रवा पहुंचने पर गृह मंत्री का ‘गायन-बयान’ (गायक और ढोल वादक) द्वारा पारंपरिक स्वागत किया गया। शाह ने संत शंकरदेव के जन्मस्थल का पुनर्विकास के बाद उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद शाह केंद्रीय भवन में भी गए जहां ‘गुरु आसन’ (पूजनीय संत की सीट) रखी है। ‘महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव आविर्भाव क्षेत्र’ नाम की इस जगह को फिर से विकसित करने का फैसला सबसे पहले 2021-22 के राज्य बजट में प्रस्तावित किया गया था।
इस परियोजना को न केवल ऐतिहासिक स्थल बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने के लिए भी डिजाइन किया गया है। यहां महापुरुष शंकरदेव से जुड़े जीवन, आदर्शों और कलात्मक विरासत और राज्य की व्यापक सांस्कृतिक परंपराओं को भी दर्शाया गया है। सरमा ने कहा कि यह परियोजना (आविर्भाव क्षेत्र), महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की विरासत का सम्मान करते हुए, ‘असम के सत्रों, नामघरों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की हमारी प्रतिबद्धता’ को मजबूत करती है।

एक लाख बीघा जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई
बोरदुरवा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव ने ‘एक भारत’ का आह्वान किया था, जिसका अब पीएम नरेंद्र मोदी पालन कर रहे हैं। अमित शाह ने दावा किया कि असम में हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से 1 लाख बीघा से ज्यादा जमीन खाली करवाई है। हम न सिर्फ असम से बल्कि पूरे भारत से सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करेंगे। उन्होंने कहा, हमने उग्रवादी संगठनों के साथ शांति समझौते किए, इन समझौतों की 92त्न शर्तें पूरी हो चुकी हैं।

पूरे देश से घुसपैठियों की पहचान की जाएगी
शाह ने कहा, ‘बीजेपी पूरे देश से सभी घुसपैठियों को हटाने का संकल्प लेती है। क्या यह सही था कि शंकरदेव की इस जगह पर बांग्लादेशी घुसपैठिए थे? मैं हिमंत बिस्वा सरमा को यहां से घुसपैठियों को हटाने और नामघर को फिर से स्थापित करने के लिए बधाई देता हूं। एक लाख बीघा से ज्यादा जमीन घुसपैठियों से आजाद कराई गई है। कांग्रेस ने इतने वर्षों तक राज किया, लेकिन उसने असम आंदोलन में जान देने वालों के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस पार्टी वर्षों तक घुसपैठियों को आगे बढ़ाती रही और 1983 में आईएमडीटी एक्ट लाकर उन्होंने घुसपैठियों को यहां बसने का कानूनी रास्ता बनाया।’

 

Previous articleनए साल के जश्न पर आतंकी साया, कई शहरों में न्यू ईयर पार्टियां रद्द
Next articleकलयुगी मां ने 6 साल की बेटी की ली जान, वजह जान कर कांप जाएगी रूह