महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का लाभ श्रमिकों का हक

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भाजपा सरकार  इस योजना का नाम बदलकर योजना को बंद करने की कर रही है कोशिश-राजीव गुजराती
सीहोर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश अनुसार रविवार, 21 दिसम्बर 2025 को जिला कांग्रेस कमेटी सीहोर के तत्वावधान में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती की अध्यक्षता में केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम और रोजगार की गारंटी का स्वरूप बदल कर गरीबों का हक छीने जाने के विरोध में एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन सीहोर के तहसील चौराहा स्थित गांधी पार्क में किया गया।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती अध्यक्षता मे विशेष अतिथि के रूप में जिले के सहप्रभारी दिनेश मेघानी, पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल उपस्थित रहे। सर्वप्रथम पार्क में स्थित गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात विधायक ने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा श्रमिकों के अधिकारों और  उत्तरदायित्वों को समाप्त करते हुए जन कल्याणकारी योजनाओं को खत्म करने की साजिश कर रही है तभी वह महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर इस जन्म कल्याणकारी योजना से महात्मा गांधी जी के नाम और मूल्यों को मिटाने का सुनियोजित षड्यंत्र कर रही है।
सह प्रभारी दिनेश मेघानी ने कहा कि इस योजना में राज्यों पर हिस्सेदारी का बोझ डालकर केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। यह बदलाव करके केंद्र सरकार जनता के काम के कानूनी अधिकार को ही समाप्त करना चाहती है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ओमदीप राठौर ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा निचले तबके के लोगों को ऊपर लाने के लिये कई तरह की जनकल्याणकारी योजना बनाई जिसमें एक मनरेगा थी, आज इस योजना का नाम व वह लोग बदल रहे है, जिनका आजादी के आन्दोलन में कोई योगदान नही था, वह ऐसा करके अपने-आपको स्थापित करना चाह रहे हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि जब डॉ. मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री थे, तब संसद में मनरेगा कानून आम राय से पास किया गया था। यह ऐसा क्रांतिकारी कदम था, जिसका फायदा करोड़ों ग्रामीण परिवारों को मिला था। खासतौर पर वंचित, शोषित, गरीब और अतिगरीब लोगों के लिए रोजी-रोटी का जरिया बना।
रोजगार के लिए अपनी माटी, अपना गांव, अपना घर-परिवार छोडकऱ  पलायन करने पर रोक लगी। रोजगार का कानूनी हक़ दिया गया, साथ ही ग्राम पंचायतों को ताकत मिली। मनरेगा के जरिए महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों के भारत की ओर एक ठोस कदम उठाया गया।
पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार, गरीबों और वंचितों के हितों को नजरअंदाज कर मनरेगा को कमजोर करने की हर कोशिश की, जबकि कोविड के समय यह गरीब वर्ग के लिए संजीवनी साबित हुआ था। जनहित में हम सब इसका पुरजोर विरोध करते हैं और जनता के हक लिये आगे भी लड़ाई जारी रहेगी। आभार वरिष्ठ कांग्रेस नेता जफरलाल ने व्यक्त किया एवं कार्यक्रम का संचाल सुनील दुबे ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से राममूर्ति शर्मा, महेश दयाल चौरसिया, ओम वर्मा, रासिद खाँ, राजेन्द्र वर्मा, धर्मेन्द्र ठाकुर, जाफर लाला, नईम नवाब, कमलसिंह चौहान, प्रीतम दयाल चौरसिया, ओम बाबा राठौर, राजेश भूरा यादव, विवेक राठौर, घनश्याम यादव, राकेश वर्मा, रघुवीर सिंह दांगी, सुदीप व्यास, इरफान  लाला, मजीद अंसारी, गुलाब बाई ठाकुर, गुड्डु जाहिद, अजय पटेल, संजय हवेली, देवेन्द्र ठाकुर, धर्मेन्द्र ठाकुर, अर्विन्द ठाकुर, मनोज पटेल, घनश्याम मीणा, संतोष पटेल, रामनारायण शर्मा, कलीम पठान, सुनील गोलिया, गिरवर चौहान,महेश मु दिखड़ी, जाहिद गुडडू,घनश्याम जांगड़े, जाहिद गुडडू, के.के.रिछारिया, तुलसी राजकुमार राठौर, भगत सिंह तोमर, कमलेश चाण्डक, मनीष मेवाड़ा, यश यादव, गजराज परमार, ब्रजेश पाटिदार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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