उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने दी दस्तक, शीतलहर का अलर्ट जारी

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देश में इन दिनों मौसम के रंग देखने को मिल रहे हैं। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के कारण पानी जमने लगा है, वहीं उत्तर भारत में कोहरे के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दूसरी तरफ दक्षिण भारत में चक्रवात दितवाह के कारण बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान समेत 10 राज्यों में शीतलहर की स्थिति बनने के अनुमान जताया है, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट आ सकती है।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पाला पडऩे से न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री की गिरावट आई है। बुधवार (3 दिसंबर) को कई जिलों में रात को पारा 5 डिग्री से नीचे गिरने की संभावना है। मैदानी हिस्सों में बारिश और ऊंचाई पर बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। केदारनाथ में मंगलवार को पारा माइनस 19 और बद्रीनाथ में माइनस 14 डिग्री दर्ज किया गया। इसी प्रकार हिमाचल प्रदेश के शिमला और मनाली में भारी बर्फबारी की चेतावनी दी है।
राजस्थान में गुरुवार से तेज सर्दी का दौर शुरू होगा। अगले 3 दिन झुंझुनूं, चूरू और सीकर में शीतलहर चलने की संभावना है। मंगलवार को सबसे कम तापमान बीकानेर के पास लूणकरणसर में 4.7 डिग्री दर्ज किया गया। उधर, बिहार के 8 जिलों में कोहरा छाया हुआ है। आगामी दिनों में तापमान 2-3 डिग्री गिर सकता है। हिमालयी क्षेत्रों में 5 दिसंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में देखने को मिल सकता है।
दिल्ली में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने के सडक़ों पर वाहन चालकों को परेशानी हुई। इसके साथ ही शीतलहर की स्थिति भी बन सकती है। अगले 3 दिन में अधिकतम तापमान 22-24 डिग्री और न्यूनतम 6-9 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। राजधानी में 3 दिसंबर की सुबह कुछ इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के आस-पास रिकॉर्ड किया गया। समीपवर्ती उत्तर प्रदेश में हल्के कोहरे के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
चक्रवात दितवाह कमजोर होकर गहरे दबाव में बदल गया है और इसके चलते दक्षिण राज्यों में बारिश का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। आईएमडी ने तमिलनाडु, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और केरल में बारिश का अलर्ट जारी किया है। तटीय क्षेत्रों में हवा की तीव्रता बढऩे की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बना यह सिस्टम फिलहाल उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट के पास सक्रिय है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

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