मां नर्मदा के तट से गाजे बाजे के साथ निकली पुण्य जल कलश यात्रा

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-श्रीराम चरित्र मानस महायज्ञ और संगीतमय श्रीरामकथा आज से

नर्मदापुरम। बीते 20 वर्षों की तरह 04 माह तक अखंड श्रीरामचरित्र मानस का पाठ करते हुए उसके समापन अवसर पर श्रीराम चरित्र मानस महायज्ञ और श्रीरामकथा का आयोजन हो रहा है। मां नर्मदा के पावन दक्षिण तट खरखेडी टिगरिया के पटेघाट परिसर में 10 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान की शुरूआत मंगलवार को मां नर्मदा की पूजन अर्चन पटेघाट पर स्थित मंदिरों में विराजमान देवी देवताओं की पूजा अर्चना व गाजे बाजे के सहित पुण्य पवित्र जल कलश यात्रा के साथ हो गई है। श्रीरामचरित्र मानस महायज्ञ और संगीतमय श्रीरामकथा का आयोजन आज से शुरू होगा है। विशेष बात यह है कि मां नर्मदा के अनन्य भक्त व समाजसेवी ब्रम्हलीन संत स्वामी श्रीब्रम्हानंद उदासीन महाराज की सद्प्रेरणा व सानिध्य में उनकी कृपा से यह अनुष्ठान लगातार जारी है। जिसमें पूरे क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों श्रद्धालु पुण्य लाभ लेने शामिल होते हैं। यहां पर महायज्ञ का आयोजन पं हरिओम दुबे के आचार्यत्व में बुधवार से शुरू होगा। आयोजन समिति सदस्यों ने बताया कि इस मौके पर कथा व्यास के रूप में अनंतश्री विभूषित हनुमत द्वार पीठाधीश्वर जगदगुरू रामानंदाचार्य स्वामी श्री धीरेंद्राचार्य महाराज चित्रकूट धाम से पधारे हैं। स्वामी जी 26 नवंबर से प्रतिदिन दोपहर 01 बजे से सायं 04.30 बजे तक मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्री राम के गुणानुवाद पर संगीतमय श्रीरामकथा का वाचन करेगें।

यजमान प्रतिदिन पांच घंटे छोडेंगे आहुतियां

पटेघाट के बाजू में बनी दिव्य यज्ञशाला में यजमानों द्वारा जोड़े से आहुतियां प्रतिदिन प्रात: 07 बजे से 12 बजे तक छोड़ी जाएंगी। आहुतियां छोडने वाले यजमानों को मंत्रोच्चार से शुद्धिकरण कराकर यज्ञ शाला में प्रवेश दिलाया जाएगा। इन जोडों को एक दिन पूर्व से ही मां नर्मदा में स्नान कराने के बाद यज्ञशाला में ले जाया गया। यहां पर आज सुबह अग्नि प्रज्ज्वलित की जाएगी।

कन्याओं और महिलाओं ने निकाली जल कलश यात्रा

मंगलवार को अपरान्ह उपरांत मां नर्मदा के जल की कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें अनेक कन्याओं और महिलाओं ने मां नर्मदा का जल कलश में भर कर गांव के प्रमुख मार्गों से कलश यात्रा निकालने के बाद यज्ञ व कथा स्थल पर समापन किया। श्रीरामकथा का समापन और महायज्ञ की पूर्णाहुति 04 दिसंबर को होगी। समापन अवसर पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति के सदस्यों और ग्रामवासियों ने सभी श्रद्धालुओं से इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर पुण्य लाभ लेने की अपील की है।

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