जनजातीय वर्ग के युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं में 50 लाख रूपये तक के ऋण का प्रावधान

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सीहोर/जनजातीय वर्ग के उत्थान और युवाओं को स्व-रोजगार के अवसर देने के लिए 50 लाख तक का ऋण देने का भगवान बिरसा मुंडा और टंटया मामा योजना में प्रावधान किया गया है। शासन द्वारा जनजातीय वर्ग के युवाओं को रोजगार एवं मुख्य धारा से जोड़ने के लिए भगवान बिरसा मुंडा और टंटया मामा स्वरोजगार योजनाएं चलाई जा रही है। जिसमें युवाओं को एक लाख से 50 लाख तक का ऋण मिल सकता है, जिससे वे स्वयं तो अपना स्वरोजगार स्थापित कर ही सकते हैं, ब‍ल्कि अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्धर करा सकते हैं। भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना में आवेदक सेवा अथवा व्यवसाय के लिए एक लाख से 25 लाख तक ऋण ले सकते हैं और इसी प्रकार निर्माण इकाई के लिए एक लाख से 50 लाख रूपये तक का ऋण उपलब्ध ले सकते हैं। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए एमपी ऑनलाइन के माध्यम से आवेदन किए जा सकते है।

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