पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ प्रदाय किए जाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरते विभाग: कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना

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कलेक्टर ने की विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा

अधिकारियों को निर्देश — योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता एवं कोताही न हो

गोदाम एवं समिति स्तर पर भंडारित एनपीके/टीएसपी/एसएसपी का वितरण सुनिश्चित करवाए संबंधित विभाग

डीएपी के वैकल्पिक उर्वरकों के प्रयोग के लिए किसानों को करें प्रोत्साहित

उद्यानिकी फसलों के विस्तार के लिए तैयार क्लस्टरों से महिला कृषकों को जोड़ा जाए

नर्मदापुरम/ सोमवार को कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कलेक्टर ने विभागवार संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने योजना से संबंधित आवश्यक आंकड़ों का सूक्ष्मता से परीक्षण कर अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन में सभी विभाग सतर्कता से कार्य करें जिससे पात्र लाभार्थियों को योजना के लाभ से लाभान्वित किया जा सके और कोई भी हितग्राही इससे वंचित न हो।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने कृषि एवं उससे संबद्ध अन्य विभागों, स्वास्थ्य, रोजगार नगरीय विकास शिक्षा पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित अन्य विभागों के तहत संचालित योजनाओं एवं अभियानों की गहनता से समीक्षा की। बैठक के दौरान कलेक्टर ने कृषि विभाग से संबंधित योजनाओं तथा अन्य विषयों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि कृषकों को व्यवस्थित तरीके से खाद वितरण किए जाने हेतु प्रबंधन को मजबूत किया जाए। बैठक के दौरान उपलब्ध उर्वरक एवं खाद की मात्रा के परीक्षण के उपरांत कलेक्टर ने सख्त रूप से निर्देश दिए की कृषि, सहकारिता तथा मार्कफेड गोदाम स्तर पर भंडारित लगभग 5500 एमटी और समिति स्तर पर भंडारित लगभग 2200 एमटी एनपीके/कॉम्प्लेक्स का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि डीएपी के वैकल्पिक उर्वरक टीएसपी/एसएसपी/एनपीके के उपयोग तथा इनकी क्षमता से किसानों को अवगत कराया जाए तथा उन्हें जागरूक किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गोदाम में एवं समितियों के पास भंडारित एनपीके/कॉम्प्लेक्स का वितरण किसानों को किए जाने हेतु व्यापक स्तर पर इनके उपयोग के लिए प्रमाणिक जानकारी के साथ उन्हें प्रोत्साहित करें।

समीक्षा के दौरान उद्यानिकी विभाग द्वारा जानकारी दी गई की विभाग द्वारा उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र को बढ़ाने के लिए जिले के तीन विकासखंड केसला, माखननगर एवं नर्मदापुरम का क्लस्टर तैयार कर 500 महिला कृषकों को मांग आधारित सब्जियों की खेती के हेतु जोड़ा जा रहा है। साथ ही इसके विपणन हेतु भी व्यापक स्तर पर कार्य योजना तैयार की जा रही है ताकि प्राकृतिक रूप से तैयार की गई फसल का प्रदेश के शहरों में विक्रय किया जा सके तथा उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण प्राप्त हो। इसी प्रकार कलेक्‍टर सुश्री मीना ने निर्देश दिए कि  जिले में फसलों की सिंचाई हेतु किसानों को ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए भी इसके उपयोग, महत्व और लाभ से लगातार प्रोत्साहित किया जाए।

इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए कि जिले में स्वीकृत शासकीय गौशालाओं का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही उन्होंने यह निर्देश भी दिए की निर्माण अधीन गौशालाओं के निर्माण कार्य भी अविलंब पूर्ण किए जाएं। इसी के साथ कलेक्टर ने यह निर्देश भी दिए कि मुख्यमंत्री डेरी प्लस योजना के तहत तैयार प्रकरणों कि शीघ्र स्वीकृति हेतु संबंधित विभाग आवश्यक कदम उठाए। इस दौरान उपसंचालक पशुपालन विभाग द्वारा जानकारी दी गई थी कामधेनु योजना अंतर्गत जिले को प्राप्त लक्ष्य सैचुरेटेड हो चुके है।

 बैठक के दौरान उपसंचालक मत्स्य विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि मत्स्य पालन में उपयोग की जा रही आधुनिक तकनीक आरएएस बायोफ्लाक्स एवं केज कल्चर के फलस्वरूप मत्स्य उत्पादन में जिले को 27 प्रतिशत वृद्धि प्राप्त हुई है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मत्‍सय संपदा योजना अंतर्गत मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए जिससे जिले की मत्स्य उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित अभियानों एवं योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए सिकल सेल एनीमिया के तहत की जा रही स्क्रीनिंग शीघ्र पूरी की जाए। इसी के साथ उन्होंने प्रसूति सहायता, क्षय उन्मूलन, आयुष्मान योजना आदि की भी बिंदुवार समीक्षा की।

कलेक्टर सुश्री मीना ने समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति आदि के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि शिष्यवर्ती एवं छात्रवृत्ति उपलब्ध कराए जाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही ना बरती जाए।  कलेक्टर ने शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक गतिविधियों व परिणाम की नियमित समीक्षा की जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मिशन अंकुर अंतर्गत बच्चों के नियमित वर्क बुक अभ्यास की निरंतर मॉनिटरिंग हो।

बैठक के दौरान कलेक्‍टर सुश्री मीना ने निर्देश दिए की स्वामित्व योजना के तहत जो ग्राम री ड्रोन फ्लाई के लिए बचे हुए हैं उनमें एसओआई से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर शीघ्र ही कार्यपाली संपन्न की जाए साथी प्रथम प्रकाशन के पक्ष द्वितीया प्रशासन की प्रक्रिया में भी किसी भी प्रकार का विलंब अथवा गैप ना रखा जाए। कलेक्टर ने कहा कि गीता भवन के लिए भूमि की उपलब्धता कर शीघ्र प्रस्ताव प्राप्त किए जाएं।

बैठक के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हिमांशु जैन, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती सरोज परिहार, डिप्टी कलेक्टर श्री बृजेंद्र रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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