अमेरिकी सरकार का सबसे बड़ा शटडाउन, दो हजार से अधिक उड़ानें रद्द

Join Us

वाशिंगटन । अमेरिकी सरकार का शटडाउन 40वें दिन पहुंच चुका है। इसके कारण देश भर में 2,000 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं और 8,000 से ज्यादा उड़ानों में देरी हुई। यह आंकड़े उड़ानें ट्रैक करने वाली वेबसाइट फ्लाइट अवेयर के अनुसार हैं। एजेंसी के अनुसार, शुक्रवार से अमेरिका के विमानन विभाग द्वारा उड़ानों में कटौती की नीति लागू की गई। इसके बाद उड़ानें रद्द होने की संख्या तेजी से बढ़ी है। गुरुवार को जहां 202 उड़ानें रद्द हुई थीं, वहीं शुक्रवार को यह संख्या बढक़र 1,025 हो गई और शनिवार को 1,566 उड़ानें रद्द करनी पड़ी। शटडाउन शुरू होने के बाद से कई एयर ट्रैफिक कंट्रोलर छुट्टी पर चले गए, जिससे बाकी कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ गया है।
परिवहन विभाग और विमानन प्राधिकरण ने देश के 40 बड़े हवाईअड्डों पर उड़ानों की संख्या में 10 प्रतिशत की कमी करने का फैसला किया है, ताकि कर्मचारियों पर दबाव कम हो और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा बनी रहे। परिवहन मंत्री सीन डफी ने रविवार को सीएनएन को बताया कि स्थिति आगे और खराब हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि थैंक्सगिविंग (अमेरिका का प्रमुख त्योहार) से पहले हवाई यात्रा बहुत कम हो सकती है।
राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के निदेशक ने भी कहा कि अगर लोग थैंक्सगिविंग के दौरान यात्रा नहीं कर पाए, तो साल की चौथी तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। अमेरिकी सरकार को फिलहाल खर्चों के लिए एक अस्थायी उपाय की आवश्यकता है, लेकिन यह प्रस्ताव सीनेट में विशेष प्रक्रिया फिलिबस्टर के कारण रुक गया है। इस प्रक्रिया में साधारण बहुमत नहीं, बल्कि 60 वोट चाहिए होते हैं। वर्तमान में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 वोट हैं, इसलिए वे ‘फिलिबस्टर’ को नहीं हटा पा रहे हैं और अस्थायी वित्त पोषण प्रस्ताव पारित नहीं हो पा रहा है।
बता दें, फिलिबस्टर के तहत सीनेटर किसी प्रस्तावित विधेयक या फंडिंग पर बहस को आगे बढ़ाकर मतदान में देरी या उसे रोक देते हैं। यही कारण है कि ट्रंप फिलिबस्टर को ध्वस्त करने की बात कर रहे हैं ताकि वे फंडिंग और बजट से जुड़े प्रस्ताव को पास कर सकें।

Previous article(नई दिल्ली)चंद्रयान-3 से भी महंगा बिका ‘सरकारी कबाड़’, इतने करोड़ रुपए की हुई कमाई
Next articleपाकिस्तान में टीटीपी का घात लगाकर बड़ा हमला, आईईडी ब्लास्ट और फायरिंग में 10 सैनिकों की मौत