‘अवैध रूप से ट्रांसजेंडर सैनिकों को प्रतिबंधित किया ‘, अदालत का बड़ा फैसला; क्या ट्रंप सरकार के लिए झटका?

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वॉशिंगटन (ए.)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की वह नीति, जिसके तहत ट्रांसजेंडर सैनिकों को सैन्य सेवा से बाहर रखा गया था, अवैध है। संघीय अपील अदालत के न्यायाधीशों के एक विभाजित पैनल ने सोमवार को यह फैसला सुनाया।
अमेरिकी अपील अदालत के डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट के तीन न्यायाधीशों के पैनल के बहुमत वाले फैसले में मार्च 2025 में वॉशिंगटन डीसी की अमेरिकी जिला न्यायाधीश एना रेयेस के फैसले को बड़े पैमाने पर बरकरार रखा गया।
वॉशिंगटन डीसी की कोर्ट ने क्या सुनाया था फैसला?
रेयेस ने अपने फैसले में कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्रांसजेंडर सैनिकों को सैन्य सेवा से बाहर करने संबंधी कार्यकारी आदेश संभवत: उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। रेयेस द्वारा छह सक्रिय ट्रांसजेंडर सैन्यकर्मियों और सेना में शामिल होने की इच्छा रखने वाले दो अन्य लोगों की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने इसके खिलाफ अपील की थी। अपील अदालत के बहुमत ने फैसला दिया कि निषेधाज्ञा का दायरा सीमित किया जाए और यह केवल उन वादियों पर लागू हो जो वर्तमान में सेना में सेवा दे रहे हैं। सेना में शामिल होने की कोशिश कर रहे लोगों को इसमें शामिल नहीं किया गया। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू नहीं होगा, जिससे ट्रंप प्रशासन को पूरे अपील न्यायालय से मामले की सुनवाई कराने का अनुरोध करने के लिए समय मिल जाएगा।

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