नानपा से आंवरी घाट जाने वाले मार्ग पर नर्मदा परिक्रमावासियों के पैरों में हो रहे हैं घाव

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नर्मदा पथ का एक मात्र यही है रास्ता, सीएम-पीएम सड़क हो गई बदहाल

जबावदार नहीं ले रहे रूचि, ग्रामीण भी होतेे हैं परेशान

बलराम शर्मा

नर्मदापुरम। भाजपा सरकार नर्मदा पथ को सुगम बनाने के लिए बजट में प्रावधान करती है। गांवों में सड़कों के जाल बिछाने की बातें मंचों से बहुत चिल्ला चिल्ला के की जाती है। लेकिन उन बातों व शासन की योजनाओं की पोल तब खुलती है। जब धरातल पर वास्तविकता देखी जाए। ऐसा ही कुछ हाल पुरानी सीएम बाद की पीएम अर्थात मुख्यमंत्री सड़क योजना, उसके बाद प्रधानमंत्री सड़क योजना के नाम से बनी सड़क की हालत क्या हो गई है। यह स्थिति नानपा कूल्हड़ा हथनापुर से आंवरी घाट की सड़क को देखने से अपने आप पता चल सकता है। इस मार्ग पर नर्मदा परिक्रमावासियों को चलना दूभर हो रहा है। सड़क की गिट्टियां उखड़ी पड़ी हुई हैं। जिससे अनेक परिक्रमावासियों के पैर जख्मी हो रहे हैं। उनके पैरों में घाव हो रहे हैं।

कूल्हड़ा के जागरूक नागरिक राकेश गौर और टिगरिया के गणेश गौर से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि इस सड़क पर 2020 में डामरी करण हुआ था। पहले यह सड़क मुख्यमंत्री सड़क योजना के नाम से जानी जाती थी। उसके बाद अपग्रेड होने पर शासन की योजना के तहत ही इस सड़क को प्रधानमंत्री सड़क याेजना से जोड़ा गया। कूल्हडा से आंवरी घाट तक सड़क ज्यादा खराब हो गई है। इस संबंध में क्षेत्र के नागरिकों ने सांसद व विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया है।

रेत माफिया ने सड़क को कर दिया बर्वाद

इस क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि इस सड़क की हालत खराब करने में रेत माफियाओं का मुख्य रोल रहा है। ओवरलोड डंपर व ट्रालियों की रेलमपेल के चलते सड़क उधड़ गई।

फिर उसे सुधारने की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। विभाग ने भी हाथ ऊंचे कर दिए। इस कारण इस सड़क की हालत बद से बदतर हो गई है।

परिक्रमावासी हो रहे जख्मी

एक श्रद्धालु नलिन पटेल ने बताया कि नानपा से आंवरी घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर परिक्रमावासियों को बहुत तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। पहले यह सड़क डामर की सड़क थी। लेकिन डंपरों ने इस सड़क को बेहद खराब कर दिया है। जिससे अब गिट्टियां उखड़ कर बिखर गई हैं। यहां से निकलने पर परिक्रमावासियों के पैरों में घाव हो जाते हैं।

सांसद से मिले थे ग्रामीण

कुछ समय पूर्व ही इस क्षेत्र के नागरिक इस सड़क को लेकर सांसद दर्शन सिंह चौधरी से मिले थे। उन्होंने सड़क को ठीक कराने का आश्वासन दिया था। साथ ही प्रधानमंत्री सड़क योजना की महाप्रबंधक से भी चर्चा की गई थी। लेकिन महाप्रबंधक ने कहा कि पीएम सड़क की रिपेरिंग का कोई प्रावधान नहीं है। नई सड़क का ही प्रावधान है।

विधायक को लेना चाहिए रूचि

इस क्षेत्र के विधायक प्रेमशंकर वर्मा हैं। उन्हें इस सड़क ही हालत देखकर इसे ठीक कराने के लिए रूचि लेना चाहिए। चौमासे के बाद अब परिक्रमावासियों को यहीं से निकलना होगा क्योंकि आंवली घाट की ओर जाने के लिए यही एकलौता मार्ग है।

ग्रामीणों की भी होती है फजियत

इस सड़क से इस क्षेत्र के ग्रामीणों का आना जाना लगा रहता है। उन्हें भी बेहद कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस क्षेत्र के मिसरोद, आंवरी, कजलाश, टिगरिया, भवानी ग्राम खरखेड़ी, खोकसर सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों ने शासन प्रशासन में बैठे जबावदारों से मांग की है कि सिर्फ वोट मांगने ही नहीं कभी कभी लोगों के दुख दर्द को देखने के लिए भी आ जाया करें। इस संबंध में विभाग के एसडीओ उइके से चर्चा करनी चाही लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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