भोपाल (आरएनएस)। मध्य प्रदेश प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज किसानों की लंबित मांगों को लेकर एक अनूठा प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से सैकड़ों किसानों के साथ पैदल मार्च निकालते हुए उन्होंने अनाज के बोरे को कंधे पर लादकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित बंगले तक पहुंचे। इस दौरान किसानों की समस्याओं, विशेष रूप से फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर उचित दाम सुनिश्चित करने की मांग को जोरदार ढंग से उठाया गया। हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद बाहर आए और जीतू पटवारी सहित कुछ नेताओं, किसानों को बंगले के अंदर ले गए। दरअसल, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के साथ करीब डेढ़ दर्जन किसान आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से मुलाकात की और भावांतर योजना, प्याज, धान सहित तमाम फसलों के सही दाम न मिलने को लेकर चर्चा की। चर्चा के बाद जीतू पटवारी ने कहा- भावांतर योजना के जरिए पहले शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को ठगा था। अब एक बार फिर मध्यप्रदेश की सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। इसके बाद उन्होंने घोषणा की कि वे किसानों की समस्याओं को लेकर तत्काल कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा करने उनके बंगले पर जाएंगे।जीतू पटवारी, किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पैदल ही प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से शिवराज सिंह चौहान के बंगले की ओर रवाना हो गए। जैसे ही पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना मिली, उन्होंने रेड क्रॉस चौराहे पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं माने।शिवराज के घर पहुंचने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने जीतू पटवारी सहित चार-पांच नेताओं को घर के अंदर बुलाया और उनसे कुछ देर चर्चा की। इस बीच, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी बंगले के अंदर जाने की कोशिश की। कुछ कार्यकर्ता कंधों पर अनाज की बोरियां रखे हुए थे। पुलिस ने जब उन्हें रोका तो हल्की झड़प की स्थिति बन गई। इस दौरान एक बोरी फट गई और अनाज सडक़ पर बिखर गया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता शिवराज सिंह चौहान के घर के सामने ही सडक़ पर बैठ गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान, पृथ्वीपुर विधायक नितेंद्र राठौर, किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राम मेहर, प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया, मिथुनअहिरवार, विक्रम चौधरीसहित बड़ी संख्या में किसान बंधु एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जीतू पटवारी ने केंद्रीय एवं राज्य सरकार की विफलताओं पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “मोदी जी की गारंटी थी कि धान का एमएसपी 3100 रुपये, गेहूं का 2700 रुपये और सोयाबीन का 6000 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाएगा। लेकिन आज तक न तो सोयाबीन पर 6000 रुपये का भाव मिला, बल्कि केवल भावांतर की रस्म-अदायगी हो रही है। जब श्री शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे, तब भी 2017 की भावांतर योजना में किसानों को एक रुपया भी नहीं मिला। न बीमा मिला, न सर्वे हुआ, न मुआवजा। आज हालात इतने खराब हैं कि 8 किसानों ने आत्महत्या कर ली – 2 खंडवा में, 2 महिदपुर में, 1 तराना में और 2 उज्जैन में, जहां खुद मुख्यमंत्री का जिला है। ये आज के अखबारों की सुर्खियां हैं। मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव जी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री मोदी जी से आग्रह करता हूं – किसान को भावांतर नहीं, भाव चाहिए।”श्री पटवारी ने प्याज के दामों का उदाहरण देते हुए कहा, “10 साल पहले 8 रुपये किलो प्याज का भाव देने की बात कही गई थी, लेकिन आज किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा। इसके लिए जिम्मेदार कौन? पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव। हम बार-बार कह रहे हैं – किसानों के खाते में 20,000 रुपये प्रति बीघा डालिए। सोयाबीन पर भावांतर की बात करते हैं, लेकिन 25-50 किलो बीघा हुए अनाज पर कितना भावांतर दोगे? किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं, आत्महत्याएं कर रहे हैं। इन 8 किसानों की मौत की जिम्मेदारी सरकार की है।”








