विधानसभा के मानसून सत्र-यूसीसी विधेयक पेश,कांग्रेस विधायकों ने किया विरोध

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भोपाल (आरएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 सदन में पेश कर दिया। इस पर मंगलवार को चर्चा होगी, लेकिन पहले ही दिन इसे लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का सदन में संबोधन दौरान किसान और फसल को लेकर चर्चा की गई। सिंघार ने कहा कि प्रदेश की 213 मृदा परीक्षण लैब बंद पड़ी हैं। उनमें गोबर रखा जा रहा है। सिंघार ने कहा कि सारी बातें प्रमाण के साथ कह रहा हूं। गौ माता को लेकर बात करते हैं, लेकिन किसान को भूल जाते हैं। सरकार के पास फसल खरीदी के लिए पैसा नहीं है। किसान कर्ज में डूबा है उन्हें राहत नहीं। खाद-बीज उपलब्ध नहीं करा पाती सरकार। आंकड़ों में खाद है सरकार के पास। कम वर्षा, अल्प वर्षा है। .सोयाबीन समेत कई फसल भी प्रभावित होंगी। सूखे की आशंका है। कई संकट सामने नजर आ रहे हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा संकट आने वाला है। सरकार किसान कल्याण वर्ष में ष्ठ्रक्क की उपलब्धता नहीं हुई। यदि यूरिया है तो किसान लाइन में क्यों लगा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिल को अनुपूरक कार्यसूची में ‘चोरी-छिपे’ जोड़ा गया और मंगलवार को भी विरोध जारी रखने का ऐलान किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यूसीसी विधेयक पर मंगलवार को चर्चा कराई जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि यूसीसी विधेयक पहले सदन के पटल पर रखा गया और बाद में उसे अनुपूरक कार्यसूची में जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया है और मंगलवार को भी विरोध जारी रहेगा। मसूद ने बताया कि उन्होंने विधेयक पर संशोधन का प्रस्ताव भी दिया है। उनका कहना है कि अध्यक्ष यदि अनुमति देंगे तो कांग्रेस इस पर विस्तार से अपनी बात रखेगी।इससे पहले भी कांग्रेस ने कार्यसूची में यूसीसी सहित एक साथ कई विधेयक शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई। कांग्रेस विधायकों का कहना था कि विधेयकों को पहले कार्यसूची में शामिल नहीं किया गया। बाद में अनुपूरक कार्यसूची के जरिए लाया गया। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब दिया कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के बाद विधेयक टेबल पर रखे गए हैं और नियमानुसार सदस्यों को उन्हें पढऩे का पूरा समय मिलेगा।कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि यूसीसी विधेयक पहले सदन के पटल पर रखा गया और बाद में उसे अनुपूरक कार्यसूची में जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया है और मंगलवार को भी विरोध जारी रहेगा। मसूद ने बताया कि उन्होंने विधेयक पर संशोधन का प्रस्ताव भी दिया है। उनका कहना है कि अध्यक्ष यदि अनुमति देंगे तो कांग्रेस इस पर विस्तार से अपनी बात रखेगी।

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